फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Government should save farmers from this trick

अन्नदाता के नाम पर पानी हो गए 77.77 लाख रुपये

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 11:22 PM IST
विज्ञापन
Government should save farmers from this trick
चंपावत का कोल्ड स्टोर भवन। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। तीन कृषि कानूनों के समर्थन या विरोध की दलील देकर हर सियासी दल किसानों का हितैषी होने का दावा कर रहा है, लेकिन किसानों के प्रति अनदेखी कम नहीं है। जिले का कोल्ड स्टोर इसकी एक बानगी है। जिले में ढाई दशक पूर्व लाखों रुपये से बना यह कोल्ड स्टोर कभी काम नहीं आ सका।
विज्ञापन

किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने का केंद्र सरकार का लक्ष्य है, लेकिन इसके लिए नया आधारभूत बनाना तो दूर, पहले से तैयार संसाधनों के उपयोग में भी कोताही हो रही है। यहां से सात किमी दूर मुड़ियानी में 1995 में 19 नाली सात मुट्ठी जमीन पर 77.77 लाख रुपये से कोल्ड स्टोर भवन बना, लेकिन यह कोल्ड स्टोर कभी चल नहीं सका। न तापमान को ठंडा करने के लिए रेफ्रिजरेशन लगा और न ही वुडन वर्क हो सका। इससे मोटी रकम खर्च करने के बाद भी दो हजार मीट्रिक टन क्षमता वाला भवन कोल्ड स्टोर गृह के रूप में काम नहीं कर सका। कोल्ड स्टोर के होने से किसानों को फायदे नहीं मिल सके। आलू, सेब, सिटरस फलों की कीमत अच्छी मिलती।
विज्ञापन

चंपावत जिले में उत्पादित फल
फल- एरिया (हेक्टेयर में) उत्पादन (एमटी में):
सिटरस फल- 2226 4451
आलू- 2616 4275
सेब- 619 639
कई तरीकों से हुआ भवन का उपयोग
कोल्ड स्टोर भवन का उपयोग किसानों के लिए नहीं हो सका है। अलबत्ता इस भवन का अन्य तमाम तरीकों से उपयोग किया गया। शुरू में पुलिस विभाग और उसके बाद पूर्ति विभाग ने गोदाम के रूप में उपयोग किया। अल्मोड़ा की विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने छह साल तक इस इमारत का इस्तेमाल बीज और खाद्य प्रसंस्करण के लिए किया। वर्ष 2017 में इसे कुछ लोगों ने पट्टे पर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोल्ड स्टोर भवन में सिर्फ सिविल वर्क हुआ। रेफ्रिजरेशन और वुडन वर्क न होने से इसका कोल्ड स्टोर के रूप में उपयोग नहीं हो सका। तीन साल पर पट्टे पर देने के बावजूद इसका उपयोग नहीं हो सका और न ही विभाग को किराया मिल सका। इसे लेकर विभाग ने निदेशालय पत्र भेजा है।
- सतीश शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी।
उत्तर प्रदेश के दौर में कोल्ड स्टोर का निर्माण हुआ, लेकिन उत्तराखंड बनने पर इसे चालू करने लायक नहीं बनाया जा सका। यह किसानों के प्रति प्रदेश सरकार की बेरुखी को दर्शाता है।

नवीन करायत, किसान नेता, लोहाघाट।
कोल्ड स्टोर के बनने से पैदावार के समय फल और सब्जियों को स्टोर करने का विकल्प रहता। सरकार को दो दशक बाद ही सही इसके बकाया काम को पूरा करा उपयोग लायक बनाना चाहिए।
- लक्ष्मण राम, किसान, लफड़ा गांव।
जिले का कोल्ड स्टोर अगर काम करने की स्थिति में होता, तो किसानों की कमाई जरूर बढ़ती। इस दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
- लक्ष्मण सिंह, किसान, कठाड़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed