फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Ginger crop will raise the farmer's income

पलायन रोकने में मदद करेगी अदरक की खेती

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 10:39 PM IST
विज्ञापन
Ginger crop will raise the farmer's income
चंपावत के दूरस्थ खर्राटाक गांव में अदरख की खेती का निरीक्षण करते सहकारिता विभाग के अधिकारी। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिले में पलायन के कारण खाली हो रहे गांवों से पलायन रोकने के लिए सहकारिता विभाग की ओर से नई पहल शुरू की गई है। विभाग की ओर से अदरक की खेती के माध्यम से गांवों से पलायन रोकने की कार्ययोजना तैयार की गई है।
विज्ञापन

इसके तहत सहकारिता विभाग की विभिन्न साधन सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को अदरक का बीज उपलब्ध कराने के साथ ही किसानों की उत्पादित अदरक की खरीद की जा रही है। विभाग की कार्ययोजना के सार्थक परिणाम भी नजर आने लगे हैं।
विज्ञापन

नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक गांव में 60 किसानों ने वापस आकर अदरक की खेती करने में सफलता हासिल की है। वर्षों पूर्व पलायन के चलते यह गांव खाली हो चुका था। सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक सुरेंद्र पाल के नेतृत्व में शुक्रवार को अधिकारियों और धूरा साधन सहकारी समिति के संचालकों ने दूरस्थ खर्राटाक गांव में किसानों की ओर से की जा रही अदरक की खेती का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सहायक निबंधक ने बताया कि समिति की ओर से पलायन रोकने के लिए किसानों को अदरक की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समिति अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी, संचालक मंडल सदस्य प्रेम सिंह, उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र तिवारी, सचिव दीनानाथ वर्मा ने बताया कि खर्राटाक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए पांच किमी सड़क की आवश्यकता है। यदि गांव तक सड़क बन जाए तो यहां के किसानों को अपनी उपज को बाजार पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी।

पहली बार तीन सौ क्विंटल अदरक का उत्पादन
चंपावत। धूरा बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति की ओर से खर्राटाक गांव में पहली बार की गई अदरक की खेती का सफलतापूर्वक उत्पादन किया गया। समिति अध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने बताया कि पहली बार में यहां 300 क्विंटल अदरक का उत्पादन हुआ है जिसे समिति की ओर से खरीदा जा रहा है। जबकि अभी खेतों में खड़ी अदरक की फसल का इस्तेमाल आगे के लिए बीज के रूप में किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed