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Champawat News: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा नहीं हो पा रहा सार्थक

Wed, 10 May 2023 11:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 10 May 2023 11:21 PM IST
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GGIC Kakad Lohaghat Champawat
बाराकोट क्षेत्र का जीजीआईसी काकड़ भवन। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। सरकार का बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ नारा बाराकोट क्षेत्र में सार्थक नहीं हो पा रहा है। बाराकोट क्षेत्र के जीजीआईसी काकड़ में प्रवक्ताओं के आधे पद लंबे समय से खाली हैं। प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं होने से छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकार में है।
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वर्ष 2006 में विद्यालय के उच्चीकरण के बाद से यहां स्थायी प्रधानाचार्या का पद भी खाली है। प्रभारी प्रधानाचार्य के माध्यम से विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। 122 छात्रा संख्या वाले इस विद्यालय में एलटी विषय के सभी शिक्षकों के पद भरे हैं। प्रवक्ताओं के स्वीकृत 10 पदों में से पांच पद लंबे समय से रिक्त हैं। हिंदी, अंग्रेजी, भूगोल, जीवविज्ञान, भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। गणित, रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, संस्कृत विषय के प्रवक्ता तैनात हैं।
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बरसात में टपकने लगती है जर्जर विद्यालय भवन की छत

लोहाघाट (चंपावत)। जीजीआईसी काकड़ का विद्यालय भवन भी जर्जर है। थोड़ी सी बारिश होने पर विद्यालय भवन की छत टपकने लगती है। लगातार बारिश होने पर सभी छात्र-छात्राओं को एक साथ एक कक्षा में बैठा दिया जाता है जिससे उनकी पढ़ाई नहीं हो पाती है। जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों की ओर से लगातार विद्यालय के जीर्ण भवनों की मरम्मत की मांग की जा चुकी है लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है।
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बालिका शिक्षा के दावे के बावजूद बालिकाओं के इस विद्यालय में प्रवक्ताओं की तैनाती न कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रवक्ताओं के पद खाली होने से छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। जल्द से जल्द प्रवक्ताओं के सभी खाली पदों को भरने की दिशा में प्रयास करने चाहिए। - नंदाबल्लभ बगौली, ज्येष्ठ उपप्रमुख, बाराकोट।



संपन्न लोग अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेज रहे हैं, गरीबों के लिए पढ़ाई का एकमात्र सहारा सरकारी स्कूल होते हैं लेकिन सरकारी स्कूल भगवान भरोसे हैं। यहां मानकों के अनुरूप शिक्षकों की तैनाती नहीं की जा रही है। इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षक न होने से बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। - प्रकाश सिंह अधिकारी, पूर्व पीटीए अध्यक्ष।


विद्यालय में खाली पदों को भरने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। प्रवक्ताओं की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। मजबूरन एलटी शिक्षकों से प्रवक्ताओं के खाली विषयों की पढ़ाई करवाई जा रही है। भवनों की मरम्मत के लिए भी पत्र भेजा गया है। - भावना कांडपाल, प्रभारी प्रधानाचार्या, जीजीआईसी काकड़।
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