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Champawat News: चंपावत जिले में बनेगा गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन
Wed, 17 Sep 2025 10:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 17 Sep 2025 10:24 PM IST
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पावत के लोहाआट स्थित डैसली गांव में निर्माणाधीन जीआई सबस्टेशन। स्रोत: विभाग
चंपावत। पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) लोहाघाट के डैसली गांव में 101.51 करोड़ की लागत से गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस) बनाने जा रहा है। 132 केवी के इस जीआईएस उपकेंद्र से चंपावत और लोहाघाट के उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त बिजली मिलेगी।
वर्तमान में कुमाऊं क्षेत्र में पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ही जीआईएस उपकेंद्र संचालित हैं। अभी तक चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों पर निर्भर रही है। इसके चलते लो-वोल्टेज और पर्याप्त आपूर्ति न होने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।
नए उपकेंद्र के निर्माण से ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत होगा। घरेलू और औद्योगिक दोनों तरह की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा। लोहाघाट, चंपावत, पुल्ला सहित आसपास के क्षेत्रों को स्थायी रूप से बिजली आपूर्ति मिलेगी। संवाद
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क्या है जीआईएस
गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस) ऐसा विद्युत उपकेंद्र है जो बिजली के नियंत्रण और वितरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह पारंपरिक एयर इंसुलेटेड स्विचगियर की तुलना में अधिक कॉम्पैक्ट और कुशल होता है। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में इनका निर्माण उपयुक्त माना जाता है।
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अन्य जिलों में भी कवायद
नैनीताल जिले के धौलाखेड़ा और ऊधमसिंह नगर के खटीमा में भी 132 केवी के गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इनके शुरू होने से इन क्षेत्रों में भी लो-वोल्टेज और आपूर्ति संबंधी दिक्कतों से राहत मिलेगी।
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अधिकारी का कहना
चंपावत जिले में पहला जीआईएस उपकेंद्र बनाने की कवायद चल रही है। वर्तमान में विद्युत संबंधी सिविल कार्य शुरू कर दिए गए हैं। इसके पूरा होने पर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त बिजली सेवाएं मिलेंगी। - एलएम बिष्ट, एसई, पिटकुल
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वर्तमान में कुमाऊं क्षेत्र में पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ही जीआईएस उपकेंद्र संचालित हैं। अभी तक चंपावत और लोहाघाट क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा उपकेंद्रों से निकलने वाले फीडरों पर निर्भर रही है। इसके चलते लो-वोल्टेज और पर्याप्त आपूर्ति न होने जैसी समस्याएं बनी रहती हैं।
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नए उपकेंद्र के निर्माण से ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत होगा। घरेलू और औद्योगिक दोनों तरह की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा। लोहाघाट, चंपावत, पुल्ला सहित आसपास के क्षेत्रों को स्थायी रूप से बिजली आपूर्ति मिलेगी। संवाद
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क्या है जीआईएस
गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआईएस) ऐसा विद्युत उपकेंद्र है जो बिजली के नियंत्रण और वितरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह पारंपरिक एयर इंसुलेटेड स्विचगियर की तुलना में अधिक कॉम्पैक्ट और कुशल होता है। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में इनका निर्माण उपयुक्त माना जाता है।
अन्य जिलों में भी कवायद
नैनीताल जिले के धौलाखेड़ा और ऊधमसिंह नगर के खटीमा में भी 132 केवी के गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इनके शुरू होने से इन क्षेत्रों में भी लो-वोल्टेज और आपूर्ति संबंधी दिक्कतों से राहत मिलेगी।
अधिकारी का कहना
चंपावत जिले में पहला जीआईएस उपकेंद्र बनाने की कवायद चल रही है। वर्तमान में विद्युत संबंधी सिविल कार्य शुरू कर दिए गए हैं। इसके पूरा होने पर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त बिजली सेवाएं मिलेंगी। - एलएम बिष्ट, एसई, पिटकुल