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महज 28 रुपये मिल रही गैस सिलिंडर की सब्सिडी
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चंपावत। कांग्रेस ने बुधवार को महंगाई के विरोध में कई जगह जोरदार प्रदर्शन किया। सियासी दलों के लिए महंगाई सरकार को घेरने का राजनीतिक हथियार है, लेकिन बेतहाशा बढ़ रही महंगाई आम लोगों की जेब पर जबर्दस्त मार कर रही है। डीजल, पेट्रोल और गैस सिलिंडर के दाम में उछाल से आवाजाही से लेकर खेती, रसोई सहित रोजमर्रा की जरूरतों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
पहली दिसंबर 2020 से पिछले 52 दिनों में ही डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस सिलिंडर ने आम मध्यम और निम्न आय वर्ग की जेब पर जमकर मार की है। इन 52 दिनों में डीजल की कीमत में तीन रुपये, पेट्रोल में 2.21 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी सिलिंडर में 100 रुपये की वृद्धि हुई है। इस वक्त सिलिंडर के लिए 732 रुपये चुकाने हो रहे हैं और सब्सिडी के रूप में महज 28 रुपये मिल रहे हैं। यानी सिलिंडर की वास्तविक कीमत 704 रुपये चुकानी पड़ रही है।
टेबल
मद - कीमत एक दिसंबर - 21 जनवरी
डीजल - 73.80 रुपये - 76.80 रुपये प्रति लीटर
पेट्रोल - 83.78 रुपये - 85.99 रुपये प्रति लीटर
गैस सिलिंडर - 632 रुपये - 732 रुपये प्रति सिलिंडर
कीमतों में उछाल से आवाजाही और व्यावसायिक लागत बढ़ रही है। उत्पादित सामग्री की कीमतों को बढ़ाए बिना बेचने की मजबूरी है। इसका असर लाभ में कमी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
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- प्रदीप शर्मा, उद्यमी, लोहाघाट।
चंपावत क्षेत्र में दूध की आपूर्ति के लिए हर महीने 240 लीटर डीजल की जरूरत होती है। डीजल की कीमत बढ़ने से हर माह 720 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
- रमेश जोशी, डेरी कारोबारी, चंपावत।
शिक्षण कार्य के लिए टनकपुर से खटीमा जाना होता है। इसके लिए रोजाना डेढ़ लीटर पेट्रोल लगता है। पेट्रोल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी से जेब पर मार पड़ रही है।
- प्रभात पंत, शिक्षक, टनकपुर।
डीजल-पेट्रोल से लेकर गैस सिलिंडर में बेतहाशा बढ़ोतरी से बजट गड़बड़ा रहा है। काम के सिलसिले में रोजाना 28 किमी की आवाजाही करनी पड़ती है। दाम बढ़ने से सिलिंडर और पेट्रोल से हर माह 300 रुपये की अतिरिक्त मार पड़ रही है।
- संजीव रावत, लोहाघाट।
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पहली दिसंबर 2020 से पिछले 52 दिनों में ही डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस सिलिंडर ने आम मध्यम और निम्न आय वर्ग की जेब पर जमकर मार की है। इन 52 दिनों में डीजल की कीमत में तीन रुपये, पेट्रोल में 2.21 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी सिलिंडर में 100 रुपये की वृद्धि हुई है। इस वक्त सिलिंडर के लिए 732 रुपये चुकाने हो रहे हैं और सब्सिडी के रूप में महज 28 रुपये मिल रहे हैं। यानी सिलिंडर की वास्तविक कीमत 704 रुपये चुकानी पड़ रही है।
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मद - कीमत एक दिसंबर - 21 जनवरी
डीजल - 73.80 रुपये - 76.80 रुपये प्रति लीटर
पेट्रोल - 83.78 रुपये - 85.99 रुपये प्रति लीटर
गैस सिलिंडर - 632 रुपये - 732 रुपये प्रति सिलिंडर
कीमतों में उछाल से आवाजाही और व्यावसायिक लागत बढ़ रही है। उत्पादित सामग्री की कीमतों को बढ़ाए बिना बेचने की मजबूरी है। इसका असर लाभ में कमी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
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- प्रदीप शर्मा, उद्यमी, लोहाघाट।
चंपावत क्षेत्र में दूध की आपूर्ति के लिए हर महीने 240 लीटर डीजल की जरूरत होती है। डीजल की कीमत बढ़ने से हर माह 720 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
- रमेश जोशी, डेरी कारोबारी, चंपावत।
शिक्षण कार्य के लिए टनकपुर से खटीमा जाना होता है। इसके लिए रोजाना डेढ़ लीटर पेट्रोल लगता है। पेट्रोल की कीमतों में हो रही लगातार बढ़ोतरी से जेब पर मार पड़ रही है।
- प्रभात पंत, शिक्षक, टनकपुर।
डीजल-पेट्रोल से लेकर गैस सिलिंडर में बेतहाशा बढ़ोतरी से बजट गड़बड़ा रहा है। काम के सिलसिले में रोजाना 28 किमी की आवाजाही करनी पड़ती है। दाम बढ़ने से सिलिंडर और पेट्रोल से हर माह 300 रुपये की अतिरिक्त मार पड़ रही है।
- संजीव रावत, लोहाघाट।