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गैरसैंण बने प्रदेश की स्थायी राजधानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 10 Oct 2015 10:28 PM IST
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सर्वदलीय उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद ने 15 साल बाद भी प्रदेश की स्थायी राजधानी नहीं बनने पर नाराजगी जताई है। पर्यटक आवास गृह में शनिवार को हुई बैठक में परिषद के वरिष्ठ नेता एवं राज्य आंदोलनकारी गंगा गिरि गोस्वामी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के साथ उत्तराखंड का निर्माण हुआ था।
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उन दोनों राज्यों में राजधानी बन चुकी है, लेकिन उत्तराखंड अब भी अस्थायी राजधानी देहरादून में चल रही है। संगठन ने पहाड़ के लोगों की भावना के अनुरूप अगले महीने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा अधिवेशन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग की है।
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प्रदेश महामंत्री भवान सिंह परवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परिषद ने वास्तविक राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण करने समेत सरकारी निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों, भ्रष्टाचार पर लगाम कसने को उपाय कारगर, सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों की निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था करने की भी मांग की है। बैठक में लीलाधर खोलिया, भुवन चंद्र जोशी, खीमानंद जोशी, मदन परवाल, जगदीश भट्ट, नवीन जोशी, सुरेश उप्रेती, दिवान सिंह बिष्ट, महीपाल अधिकारी, शिव कुमार, बिशन दत्त उपाध्याय, नारायण नाथ आदि मौजूद थे। बाद में इस संबंध में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
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