{"_id":"6488adaa4391111cec08884d","slug":"funds-released-for-csd-canteen-in-champawat-champawat-news-c-229-1-shld1009-66-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: चंपावत में सीएसडी कैंटीन के लिए राशि अवमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: चंपावत में सीएसडी कैंटीन के लिए राशि अवमुक्त
Tue, 13 Jun 2023 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 13 Jun 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंपावत। चंपावत में जल्द ही सीएसडी (कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट) शुरू हो जाएगी। मंगलवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान मध्य कमान के कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने ये जानकारी दी। बताया गया कि चंपावत में सीएसडी कैंटीन के विस्तारीकरण के लिए राशि अवमुक्त कर दी गई है।
रुद्रप्रयाग में भी सीएसडी कैंटीन के लिए भवन बनाया जा रहा है। कैंटीन के विस्तारीकरण से चंपावत और उसके आसपास क्षेत्रों के सेना से जुड़े लोगों और उनके परिवारजनों को सुविधा मिलेगी। सीएम ने पिछले साल मई में चंपावत में कैंटीन सुविधा देने का एलान किया था। चंपावत में सीएसडी कैंटीन का विस्तार होने से 3659 पूर्व सैनिक, 1315 पूर्व सैनिक आश्रित परिवारों के अलावा असम राइफल्स और सीमा सड़क संगठन के कार्मिकों को लाभ होगा। इस वक्त यहां के लोगों को कैंटीन सुविधा का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होती है। इसके लिए उन्हें 80 किमी दूर पिथौरागढ़ या 83 किमी दूर कमलपथ (बनबसा) की सीएसडी जाना होता है। जिसमें न केवल समय, बल्कि किराये के रूप में भी मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग का कहना है कि चंपावत में कैंटीन खुलने से पूर्व फौजियों और उनके परिवारों को सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग में भी सीएसडी कैंटीन के लिए भवन बनाया जा रहा है। कैंटीन के विस्तारीकरण से चंपावत और उसके आसपास क्षेत्रों के सेना से जुड़े लोगों और उनके परिवारजनों को सुविधा मिलेगी। सीएम ने पिछले साल मई में चंपावत में कैंटीन सुविधा देने का एलान किया था। चंपावत में सीएसडी कैंटीन का विस्तार होने से 3659 पूर्व सैनिक, 1315 पूर्व सैनिक आश्रित परिवारों के अलावा असम राइफल्स और सीमा सड़क संगठन के कार्मिकों को लाभ होगा। इस वक्त यहां के लोगों को कैंटीन सुविधा का लाभ उठाने के लिए लंबी दूरी तय करनी होती है। इसके लिए उन्हें 80 किमी दूर पिथौरागढ़ या 83 किमी दूर कमलपथ (बनबसा) की सीएसडी जाना होता है। जिसमें न केवल समय, बल्कि किराये के रूप में भी मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग का कहना है कि चंपावत में कैंटीन खुलने से पूर्व फौजियों और उनके परिवारों को सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन