{"_id":"56ddba4f4f1c1bf4208b457b","slug":"freehold-land-is-not-leased-from-the-development-hang","type":"story","status":"publish","title_hn":"लीज भूमि फ्रीहोल्ड न होने से विकास लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लीज भूमि फ्रीहोल्ड न होने से विकास लटका
लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Mon, 07 Mar 2016 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नगर की लीज भूमि को फ्रीहोल्ड न किए जाने से यहां का विकास लटक गया है। नगर को कुदरत ने खूब सजाया संवारा है लेकिन शासकीय प्रयासों के अभाव में यह शहर बदरंग और सुविधा विहीन होता जा रहा है।
नगर में प्रवेश करने वाले लोगों को स्टेशन बाजार से मीना बाजार तक कहीं भी मूत्रालय नहीं मिलता है। शौचालय बनाने के लिए नगर पंचायत को जमीन भी नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
66411 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस नगर में अंग्रेजों के समय 40969 हेक्टेयर लीज भूमि के पट्टे जारी किए गए, जिनकी मियाद 30 वर्ष पूर्व पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
उसके बाद शासन ने यहां की भूमि को फ्रीहोल्ड करने के लिए लोगों से शुल्क जमा करने को कहा है। जिसके तहत 1499 लोगों ने तीन करोड़ 75 लाख 36 हजार 504 रुपये जमा किए हैं। राजस्व विभाग की ओर से प्रत्येक आवेदक की भूमि का सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। लेकिन उसके बाद आगे की कार्यवाही ठप पड़ी हुई है। भूमि का स्वामित्व न होने के कारण राजस्व विभाग हैसियत का प्रमाणपत्र तक नहीं देता है। जिससे लोग लंबे समय से अनिश्चितता के बीच जीते आ रहे हैं।
युद्ध स्तर पर चल रहा प्रपत्र भरने का कार्य
लोहाघाट। एसडीएम चंदन सिंह डोबाल का कहना है कि नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड करने के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के बाद अब प्रपत्र भरने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस कार्य को 31 मार्च तक पूरा कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेज दी जाएगी।