फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Four years of BJP government: Claims uncountable, facilities getting bad

भाजपा सरकार के चार साल: दावे बेशुमार, सुविधाएं हो रही दुश्वार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:38 PM IST
विज्ञापन
Four years of BJP government: Claims uncountable, facilities getting bad
अधूरा पड़ा चंपावत का हेलीपैड। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। उत्तराखंड में भाजपा सरकार के 18 मार्च को चार साल पूरे हो जाएंगे। इस अवधि में ‘काम ज्यादा, बातें कम’ का भाजपा सरकार की ओर से दावा किया गया, लेकिन इस दावे को विपक्ष तो दूर आम लोग भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितना कहा गया, उसका एक-चौथाई काम भी नहीं हो सका है। उपलब्धियों के दावों के बीच कई मामूली काम लटके हैं। यहां तक कि पिछली सरकार के दौर में शुरू हुए कई काम अधूरे पड़े हैं। पेयजल, स्वास्थ्य और गुणवत्तायुक्त शिक्षा का इंतजार लंबा हो रहा है। मुख्यमंत्री के एलान के बावजूद जिले में एक भी पार्किंग स्थल नहीं बन सका है। इसी तरह लोहाघाट डिग्री कॉलेज में विधि संकाय खोलने और पाटी में आयुष महाविद्यालय खोलने की घोषणा भी ठंडे बस्ते में है। वहीं जिले के तीन अस्पतालों में आईसीयू होने के बावजूद ये उपयोग लायक हाल में नहीं आ सके।
विज्ञापन

विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय है। लेकिन मुख्यमंत्री के 96 एलान में से 21 ही पूरे हो सके हैं। क्वैराला पंपिंग योजना को 2018 में पूरा होना था, लेकिन जिला मुख्यालय की प्यास बुझाने वाली 30 करोड़ की इस योजना का चुनाव से पहले पूरा होना भी चुनौतीपूर्ण है। जिले के छह आईटीआई (बनबसा, मंच, बाराकोट, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा और रेगड़ू) को एनसीवीटी से मान्यता नहीं मिलने से ताले लटके हैं। सीमा सुरक्षा और सीमावर्ती गांवों के बुनियादी सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण टनकपुर-जौलजीबी सड़क में चूका-रूपालीगाढ़ के बीच बनने वाले पुल की निविदा प्रक्रिया भी लटकी है।
विज्ञापन

मां पूर्णागिरि धाम में बनने वाले रज्जुमार्ग से लेकर पूर्णागिरि धाम की दरारों को भरने की शुरुआत तक नहीं हो सकी है। सुस्ताई का आलम यह कि एबटमाउंट में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के तहत बनी परियोजना पूरी होने के बाद सैलानियों के लिए खोली नहीं जा सकी है। वहीं धन की कमी से हेलीपैड अधूरा पड़ा है। कठुवापाती को सिडकुल में शामिल कर औद्योगिक पहचान देने का प्रस्ताव खटाई में पड़ गया है। दिसंबर 2016 में खुली मंच की उप तहसील में एक साल बाद लगे तालों को नहीं खोला जा सका। इस कारण सीमांत तल्लादेश क्षेत्र के लोगों को चंपावत दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
जिले के भाजपा के दोनों विधायकों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं के विस्तार के साथ जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य किए हैं। कोलीढेक झील पूरा होने को है। वहीं डिक्टेश्वर झील और कूर्म सरोवर के काम, श्यामलाताल को पर्यटन क्षेत्र बनाने सहित पेयजल संकट को दूर करने से लेकर स्वास्थ्य सुविधा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

मोहन अधिकारी, जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा।
भाजपा सरकार के चार साल में बातें खूब हुई, लेकिन काम नहीं। टनकपुर-जौलजीबी सड़क सहित कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू किए गए कई काम लटके हैं। क्वैराला पेयजल योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। वहीं राजकीय पालीटेक्निक भवन का भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
हेमेश खर्कवाल, प्रदेश महामंत्री, कांग्रेस, चंपावत।
सुस्त गति से चल रहे काम:
-चंपावत की क्वैराला पेयजल योजना।
-चंपावत राजकीय पॉलीटेक्निक भवन निर्माण।
-सीमांत की सुरक्षा के लिए निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीबी सड़क।
-धांधली के आरोप के बीच लोहाघाट के स्टेडियम में तीन साल से बंद है काम।
लटके हैं ये काम:
-मां पूर्णागिरि धाम रज्जुमार्ग।
-मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर की दरार को भरना।
-चंपावत जिला जेल भवन का निर्माण।
-जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर बेस अस्पताल बनाना।
-चंपावत में हेलीपैड के काम को पूरा करने के लिए नहीं मिल रहा धन।
-चंपावत तहसील और एसडीएम कार्यालय भवन निर्माण।
-लोहाघाट नगर में सीवर लाइन का निर्माण कार्य किया जाएगा।
उपयोग के इंतजार में हैं ये काम
-नहीं खुल सके मंच उप तहसील के दरवाजे।
-स्टाफ की कमी से शुरू नहीं हो पा रही गुमदेश उप तहसील।
-एससीवीटी स्तर से मान्यता प्राप्त जिले के छह आईटीआई दो साल से बंद।
पूरे हुए ये प्रमुख काम
-कोलीढेक झील का काम अंतिम चरण में।
-बाराकोट में आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस।
-पाटी के राजकीय डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed