{"_id":"616f17f0510cd46f671cd673","slug":"flood-in-tanakpur-due-to-booming-sharda-army-had-to-be-called-for-rescue-tanakpur-news-hld441839252","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफनाई शारदा से टनकपुर में बाढ़, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफनाई शारदा से टनकपुर में बाढ़, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना
विज्ञापन
उफनाई शारदा से टनकपुर में बाढ़, रेस्क्यू के लिए बुलानी पड़ी सेना
बनबसा में तैनात 8 जेएंडके लाइट इंफेंट्री के जवानों ने 283 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया
5 लाख 47 हजार 224 क्यूसेक पहुंचा शारदा का जल स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से उफनाई शारदा की बाढ़ ने शहर की शारदा चुंगी कॉलोनी, अंबेडकर नगर और बंगाली कॉलोनी में खासी तबाही मचाई है। नदी में पानी बढ़ते ही हरकत में आए प्रशासन ने देर रात से ही कॉलोनी खाली करानी शुरू कर दी थी, बावजूद इसके ज्यादातर लोग जोखिम उठाकर कॉलोनी में ही डेरा जमाए रहे। सुबह तक हालात खतरे से ऊपर पहुंचे तो प्रशासन के हाथ-पांव फुल गए। स्थिति यह हो गई कि रेस्क्यू के लिए बनबसा छावनी से सेना बुलानी पड़ी, तब जाकर बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा सका। बाढ़ प्रभावितों को प्रशासन ने राहत शिविरों को ठहराकर उनके भोजन-पानी की व्यवस्था की है।
सोमवार मध्य रात्रि शारदा का जलस्तर अचानक खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इससे शहर की शारदा चुंगी कॉलोनी, आंबेडकर नगर और बंगाली कॉलोनी बाढ़ की गिरफ्त में आ गई। कॉलोनी की गलियों ने नहरों का रूप ले लिया। वहीं घरों के अंदर भी कमर तक पानी पहुंच गया था। बैराज कंट्रोल रूम के मुताबिक सुबह नदी का जल स्तर 547224 क्यूसेक पहुंच गया था। हालात बेकाबू होते देख एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने रेस्क्यू के लिए बनबसा छावनी से सेना मंगा ली। छावनी के स्टेशन कमांडेंट कर्नल भानुप्रताप चंद के निर्देश पर पहुंचे आठ जेएंडके लाइटइंफेंट्री के जवानों ने करीब चार घंटे राहत और बचाव कार्य चलाकर बाढ़ में फंसे सभी 283 लोगों को सुरक्षित निकाल राहत शिविरों में भेजा। कोतवाली हरपाल सिंह व एसआई कुंदन बोरा ने आंबेडकर नगर में बाढ़ में फंसे तीन परिवारों के 14 लोगों को राहत शिविर में भेजा।
19 टीएनपी 01 पी से 20 पी तक।
-
रात से ही राहत व बचाव कार्य में डटे रहे अधिकारी, कर्मचारी
टनकपुर। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सतर्क प्रशासन शारदा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे थे। सोमवार की मध्य रात जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, प्रभारी तहसीलदार एनटी पिंकी आर्या, कोतवाल हरपाल सिंह, एसएसआई सुरेंद्र सिंह खड़ायत, एसआई कुंदन बोरा, राजस्व उप निरीक्षक अमर सिंह मंगला, वीरेंद्र पुंडिर आदि राजस्व कर्मी देर रात से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने में जुटे रहे।
विज्ञापन
विधायक और पालिकाध्यक्ष ने लिया प्रभावित क्षेत्र का जायजा
टनकपुर। विधायक कैलाश गहतोड़ी और पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार ने बाढ़ प्रभावित शारदा चुंगी कॉलोनी, अंबेडकर नगर व बंगाली कॉलोनी का जायजा ले अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए। क्षेत्र के 1100 बाढ़ प्रभावितों को आधा दर्जन राहत शिविरों में ठहराया गया है। जिनके भोजन-पानी की व्यवस्था विधायक कैलाश गहतोड़ी की ओर से की गई है। प्रभारी तहसीलदार पिंकी आर्या का कहना है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए पंचमुखी धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, नंदा धर्मशाला, मुरारी धर्मशाला, सिद्ध बाबा धर्मशाला और जीजीआईसी को राहत शिविर बनाया गया है। संवाद
19 टीएनपी 25 पी।
जलस्तर घटने के बाद होगा क्षति का आकलन
शारदा की बाढ़ से हुई क्षति का अभी आंकलन नहीं हो पाया है। बाढ़ की चपेट में आए लोग घरों में सामान छोड़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि फिलहाल राहत और बचाव कार्य चल रहा है। नदी का जल स्तर कम होने के बाद क्षति का आंकलन कर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बनबसा में तैनात 8 जेएंडके लाइट इंफेंट्री के जवानों ने 283 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया
5 लाख 47 हजार 224 क्यूसेक पहुंचा शारदा का जल स्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
टनकपुर (चंपावत)। तीन दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से उफनाई शारदा की बाढ़ ने शहर की शारदा चुंगी कॉलोनी, अंबेडकर नगर और बंगाली कॉलोनी में खासी तबाही मचाई है। नदी में पानी बढ़ते ही हरकत में आए प्रशासन ने देर रात से ही कॉलोनी खाली करानी शुरू कर दी थी, बावजूद इसके ज्यादातर लोग जोखिम उठाकर कॉलोनी में ही डेरा जमाए रहे। सुबह तक हालात खतरे से ऊपर पहुंचे तो प्रशासन के हाथ-पांव फुल गए। स्थिति यह हो गई कि रेस्क्यू के लिए बनबसा छावनी से सेना बुलानी पड़ी, तब जाकर बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा सका। बाढ़ प्रभावितों को प्रशासन ने राहत शिविरों को ठहराकर उनके भोजन-पानी की व्यवस्था की है।
सोमवार मध्य रात्रि शारदा का जलस्तर अचानक खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इससे शहर की शारदा चुंगी कॉलोनी, आंबेडकर नगर और बंगाली कॉलोनी बाढ़ की गिरफ्त में आ गई। कॉलोनी की गलियों ने नहरों का रूप ले लिया। वहीं घरों के अंदर भी कमर तक पानी पहुंच गया था। बैराज कंट्रोल रूम के मुताबिक सुबह नदी का जल स्तर 547224 क्यूसेक पहुंच गया था। हालात बेकाबू होते देख एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने रेस्क्यू के लिए बनबसा छावनी से सेना मंगा ली। छावनी के स्टेशन कमांडेंट कर्नल भानुप्रताप चंद के निर्देश पर पहुंचे आठ जेएंडके लाइटइंफेंट्री के जवानों ने करीब चार घंटे राहत और बचाव कार्य चलाकर बाढ़ में फंसे सभी 283 लोगों को सुरक्षित निकाल राहत शिविरों में भेजा। कोतवाली हरपाल सिंह व एसआई कुंदन बोरा ने आंबेडकर नगर में बाढ़ में फंसे तीन परिवारों के 14 लोगों को राहत शिविर में भेजा।
विज्ञापन
19 टीएनपी 01 पी से 20 पी तक।
-
रात से ही राहत व बचाव कार्य में डटे रहे अधिकारी, कर्मचारी
टनकपुर। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सतर्क प्रशासन शारदा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे थे। सोमवार की मध्य रात जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, प्रभारी तहसीलदार एनटी पिंकी आर्या, कोतवाल हरपाल सिंह, एसएसआई सुरेंद्र सिंह खड़ायत, एसआई कुंदन बोरा, राजस्व उप निरीक्षक अमर सिंह मंगला, वीरेंद्र पुंडिर आदि राजस्व कर्मी देर रात से ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को खाली कराने में जुटे रहे।
विज्ञापन
विधायक और पालिकाध्यक्ष ने लिया प्रभावित क्षेत्र का जायजा
टनकपुर। विधायक कैलाश गहतोड़ी और पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार ने बाढ़ प्रभावित शारदा चुंगी कॉलोनी, अंबेडकर नगर व बंगाली कॉलोनी का जायजा ले अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए। क्षेत्र के 1100 बाढ़ प्रभावितों को आधा दर्जन राहत शिविरों में ठहराया गया है। जिनके भोजन-पानी की व्यवस्था विधायक कैलाश गहतोड़ी की ओर से की गई है। प्रभारी तहसीलदार पिंकी आर्या का कहना है कि बाढ़ प्रभावितों के लिए पंचमुखी धर्मशाला, प्रजापति धर्मशाला, नंदा धर्मशाला, मुरारी धर्मशाला, सिद्ध बाबा धर्मशाला और जीजीआईसी को राहत शिविर बनाया गया है। संवाद
19 टीएनपी 25 पी।
जलस्तर घटने के बाद होगा क्षति का आकलन
शारदा की बाढ़ से हुई क्षति का अभी आंकलन नहीं हो पाया है। बाढ़ की चपेट में आए लोग घरों में सामान छोड़ राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि फिलहाल राहत और बचाव कार्य चल रहा है। नदी का जल स्तर कम होने के बाद क्षति का आंकलन कर मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।