{"_id":"65f9cda676672ff88e0e9e97","slug":"festival-committee-is-preserving-the-khadi-holi-of-kali-kumaon-champawat-news-c-229-1-shld1010-106466-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: काली कुमाऊं की खड़ी होली को संरक्षित कर रही महोत्सव समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: काली कुमाऊं की खड़ी होली को संरक्षित कर रही महोत्सव समिति
Tue, 19 Mar 2024 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:08 PM IST
विज्ञापन
नवल जोशी
लोहाघाट (चंपावत)। पूर्वजों की विरासत काली कुमाऊं की खड़ी होली को संरक्षित करने के लिए लोहाघाट नगर में आयोजित होने वाले होली रंग महोत्सव के चलते क्षेत्र का नाम उत्तराखंड सहित देश के कौने कौने में रोशन हुआ है। रामलीला कमेटी की पहल पर नशा मुक्त और उल्लास के साथ होने वाली यहां की होली को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। लोहाघाट का होली रंग महोत्सव युवा पीढ़ी को अपनी पुरातन संस्कृति को बरकरार रखने का संदेश दे रहा है।
आज के समय में युवा वर्ग अपने महोत्सवों, त्यौहारों, रीति रिवाजों से दूर होते जा रहे हैं। युवा इन सामूहिक आयोजनों में भाग लेने के बजाय वह अकेले रहना या टोलियों में जाकर नशापान करने में ज्यादा रुचि रख रहे हैं। रामलीला कमेटी होली रंग महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से होल्यारों की टीमों को आमंत्रित कर अपने गांवों की होलियों का प्रदर्शन करने के लिए मंच प्रदान कर रही है। बिना सफेद पोषाक पहने किसी भी होली टीम में होल्यार शामिल नहीं होता है। संवाद
कोट
कमेटी का मकसद होली रंग महोत्सव को पूर्ण रूप से नशा मुक्त रखते हुए लोगों को काली कुमाऊं की शानदार खड़ी होली से परिचित कराना है। - जीवन सिंह मेहता, अध्यक्ष होली रंग महोत्सव समिति, लोहाघाट।
विज्ञापन
कोट
लोहाघाट का होली रंग महोत्सव भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति रिवाजों, त्योहारों को जानने और इसे मनाने के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। - गोविंद वर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष, लोहाघाट।
कोट
होली के दौरान होने वाले हुड़दंग के चलते माताएं बहनें होली का आनंद नहीं उठा पाती हैं। रामलीला मैदान में होली का आयोजन होने से महिलाएं निर्भीक होकर होली का आनंद लेती हैं। - रेनू गड़कोटी, पीएलवी, लोहाघाट।
कोट
सीमित संसाधनों के बावजूद होली रंग का भव्य आयोजन अच्छी पहल है। इससे लोगों को एक स्थान पर बैठकर विभिन्न गांवों की होली देखने को मौका मिलता है। - मीनू पुनेठा, होल्यार लोहाघाट।
विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)। पूर्वजों की विरासत काली कुमाऊं की खड़ी होली को संरक्षित करने के लिए लोहाघाट नगर में आयोजित होने वाले होली रंग महोत्सव के चलते क्षेत्र का नाम उत्तराखंड सहित देश के कौने कौने में रोशन हुआ है। रामलीला कमेटी की पहल पर नशा मुक्त और उल्लास के साथ होने वाली यहां की होली को देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। लोहाघाट का होली रंग महोत्सव युवा पीढ़ी को अपनी पुरातन संस्कृति को बरकरार रखने का संदेश दे रहा है।
आज के समय में युवा वर्ग अपने महोत्सवों, त्यौहारों, रीति रिवाजों से दूर होते जा रहे हैं। युवा इन सामूहिक आयोजनों में भाग लेने के बजाय वह अकेले रहना या टोलियों में जाकर नशापान करने में ज्यादा रुचि रख रहे हैं। रामलीला कमेटी होली रंग महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से होल्यारों की टीमों को आमंत्रित कर अपने गांवों की होलियों का प्रदर्शन करने के लिए मंच प्रदान कर रही है। बिना सफेद पोषाक पहने किसी भी होली टीम में होल्यार शामिल नहीं होता है। संवाद
विज्ञापन
कोट
कमेटी का मकसद होली रंग महोत्सव को पूर्ण रूप से नशा मुक्त रखते हुए लोगों को काली कुमाऊं की शानदार खड़ी होली से परिचित कराना है। - जीवन सिंह मेहता, अध्यक्ष होली रंग महोत्सव समिति, लोहाघाट।
विज्ञापन
कोट
लोहाघाट का होली रंग महोत्सव भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति रिवाजों, त्योहारों को जानने और इसे मनाने के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। - गोविंद वर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष, लोहाघाट।
कोट
होली के दौरान होने वाले हुड़दंग के चलते माताएं बहनें होली का आनंद नहीं उठा पाती हैं। रामलीला मैदान में होली का आयोजन होने से महिलाएं निर्भीक होकर होली का आनंद लेती हैं। - रेनू गड़कोटी, पीएलवी, लोहाघाट।
कोट
सीमित संसाधनों के बावजूद होली रंग का भव्य आयोजन अच्छी पहल है। इससे लोगों को एक स्थान पर बैठकर विभिन्न गांवों की होली देखने को मौका मिलता है। - मीनू पुनेठा, होल्यार लोहाघाट।