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Champawat News: चार विकासखंडों के 50 गांवों में किसानों को मिलेगी सिंचाई सुविधा
Sun, 26 Mar 2023 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 26 Mar 2023 11:38 PM IST
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चंपावत जिले के छंदा में वर्षा जल संग्रहण के लिए बनाया गया सिंचाई टैंक।
- फोटो : चंपावत जिले के छंदा में वर्षा जल संग्रहण के लिए बनाया गया सिंचाई टैंक।
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चंपावत। जिले में सिंचाई सुविधा से विहीन गांवों में प्राकृतिक और वर्षा जल संग्रहण के लिए सिंचाई टैंकों का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य में एचडीएफसी बैंक और सहगल फाउंडेशन की ओर से सहयोग किया जा रहा है। बैंक की और से प्रारंभिक चरण में जिले के 50 गांवों का चयन किया गया हैं। जिसमे 24 गांव चंपावत ब्लॉक के और शेष गांव लोहाघाट, पाटी और बाराकोट ब्लॉक के शामिल हैं।
इन चयनित गांवों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, जल संरक्षण कर खेती को विकसित करने के अलावा महिलाओं को समूहों के माध्यम से संगठित किया गया है। एचडीएफसी बैंक की ओर से सहकारिता सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत संचालित केंद्रित विकास कार्यक्रम परिवर्तन परियोजना में किसानों को वैज्ञानिक कृषि प्रणाली की जानकारी दी जा रही है। परियोजना के समन्वयक अजीत नैनवाल का कहना हैं कि प्राकृतिक और वर्षा का पानी संग्रह कर किसानों के लिए सिंचाई टैंकों का निर्माण किया जा रहा हैं। अभी तक ऐसे 30 जल संग्रहण टैंकों का निर्माण किया जा चुका हैं, जिनसे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है।
छंदा गांव में पांच परिवारों को मिलने लगी सिंचाई सुविधा
चंपावत। परिवर्तन परियोजना के तहत बाराकोट विकासखंड के छंदा गांव में वर्षा जल संग्रहण टैंक का निर्माण कर पांच परिवारों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। यहां 10500 लीटर क्षमता का जल संग्रहण टैंक का निर्माण किया गया है। परियोजना से जुड़े उमेश जोशी और अजय निगल्टिया के अनुसार छंदा गांव के किसान वर्षा आधारित कृषि कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं लेकिन कई वर्षों से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग प्रभाव के कारण समय-समय पर वर्षा न होने, गर्मी से प्राकृतिक स्रोत में जल स्तर में कमी आने से दिक्कतें पेश आ रही थीं। अब वर्षा जल संग्रहण टैंक बनने से सुविधा मिलने लगी है।
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चयनित गांवों में सिंचाई सुविधा के अलावा किसानों को खेती एवं सब्जियों के उन्नत बीज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही मुनस्यारी से यहां की जलवायु में फलीभूत होने वाली आलू की कुफरी ज्योति प्रजाति का बीज भी किसानों को उपलब्ध कराया गया है।
- अजीत नैनवाल, परियोजना समन्वयक।
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इन चयनित गांवों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, जल संरक्षण कर खेती को विकसित करने के अलावा महिलाओं को समूहों के माध्यम से संगठित किया गया है। एचडीएफसी बैंक की ओर से सहकारिता सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत संचालित केंद्रित विकास कार्यक्रम परिवर्तन परियोजना में किसानों को वैज्ञानिक कृषि प्रणाली की जानकारी दी जा रही है। परियोजना के समन्वयक अजीत नैनवाल का कहना हैं कि प्राकृतिक और वर्षा का पानी संग्रह कर किसानों के लिए सिंचाई टैंकों का निर्माण किया जा रहा हैं। अभी तक ऐसे 30 जल संग्रहण टैंकों का निर्माण किया जा चुका हैं, जिनसे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है।
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छंदा गांव में पांच परिवारों को मिलने लगी सिंचाई सुविधा
चंपावत। परिवर्तन परियोजना के तहत बाराकोट विकासखंड के छंदा गांव में वर्षा जल संग्रहण टैंक का निर्माण कर पांच परिवारों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। यहां 10500 लीटर क्षमता का जल संग्रहण टैंक का निर्माण किया गया है। परियोजना से जुड़े उमेश जोशी और अजय निगल्टिया के अनुसार छंदा गांव के किसान वर्षा आधारित कृषि कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं लेकिन कई वर्षों से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग प्रभाव के कारण समय-समय पर वर्षा न होने, गर्मी से प्राकृतिक स्रोत में जल स्तर में कमी आने से दिक्कतें पेश आ रही थीं। अब वर्षा जल संग्रहण टैंक बनने से सुविधा मिलने लगी है।
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चयनित गांवों में सिंचाई सुविधा के अलावा किसानों को खेती एवं सब्जियों के उन्नत बीज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही मुनस्यारी से यहां की जलवायु में फलीभूत होने वाली आलू की कुफरी ज्योति प्रजाति का बीज भी किसानों को उपलब्ध कराया गया है।
- अजीत नैनवाल, परियोजना समन्वयक।