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Champawat News: शिलान्यास के 30 साल बाद भी नहीं हुआ गैस गोदाम का संचालन
Sat, 20 Sep 2025 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 20 Sep 2025 11:09 PM IST
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पाटी विकास खंड में 30 पूर्व बना गैस गोदाम। संवाद
पाटी (चंपावत)। पाटी विकास खंड में यूपी शासन काल में केएमवीएन ने अक्तूबर 1995 करीब 10 लाख रुपये से न्यू कॉलोनी में गैस गोदाम के भवन का निर्माण किया। शिलान्यास तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मण सिंह लमगड़िया ने किया। गैस गोदाम को बने 30 साल होने के बाद भी इस का ताला एक दिन के लिए भी नहीं खुल पाया। देखरेख के अभाव में अब भवन जर्जर हो गया है। इसके चारों ओर झाड़ियां उगी हैं और खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
गैस गोदाम के संचालित नहीं होने से पाटी क्षेत्र के लोगों को गैस रिफिल कराने के लिए 16 किमी दूर देवीधुरा या फिर 30 किमी लोहाघाट जाना पड़ रहा है। गैस वितरण केंद्रों से आने वाले सिलिंडरों का इंतजार करना पड़ता हैं। पाटी के लोग और होटल कारोबारियों का कहना है कि देवीधुरा और लोहाघाट से गैस रिफिल कराने में उनको 150 से 200 रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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पाटी में 30 साल पहले करीब दस लाख रुपये की लागत से बनाया गया। गैस गोदाम अब खंडहर होता जा रहा है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिकारियों को बताने के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई।
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संजय जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता।
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ब्लॉक मुख्यालय पाटी और इसके आसपास के गांवों में दो हजार से अधिक रसोई गैस के उपभोक्ता हैं। महीने में एक बार लोहाघाट और देवीधुरा के गैस वितरण केंद्रों से सिलिंडर की आपूर्ति की जाती हैं। बांकी दिनों में देवीधुरा, लोहाघाट जाना पड़ता है।
तारा सिंह कुंवर, होटल व्यापारी।
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गैस गोदाम के संचालित नहीं होने से पाटी क्षेत्र के लोगों को गैस रिफिल कराने के लिए 16 किमी दूर देवीधुरा या फिर 30 किमी लोहाघाट जाना पड़ रहा है। गैस वितरण केंद्रों से आने वाले सिलिंडरों का इंतजार करना पड़ता हैं। पाटी के लोग और होटल कारोबारियों का कहना है कि देवीधुरा और लोहाघाट से गैस रिफिल कराने में उनको 150 से 200 रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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पाटी में 30 साल पहले करीब दस लाख रुपये की लागत से बनाया गया। गैस गोदाम अब खंडहर होता जा रहा है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अधिकारियों को बताने के बाद भी कार्यवाही नहीं हुई।
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संजय जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता।
ब्लॉक मुख्यालय पाटी और इसके आसपास के गांवों में दो हजार से अधिक रसोई गैस के उपभोक्ता हैं। महीने में एक बार लोहाघाट और देवीधुरा के गैस वितरण केंद्रों से सिलिंडर की आपूर्ति की जाती हैं। बांकी दिनों में देवीधुरा, लोहाघाट जाना पड़ता है।
तारा सिंह कुंवर, होटल व्यापारी।