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सिद्धमोड़ पर फिर दरकी पहाड़ी, पैदल रास्ता बंद
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:21 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम में सिद्घमोड़ के पास दरकी पहाड़ी का पैदल रास्ते में गिरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश से मां पूर्णागिरि धाम मार्ग के हाल बदतर हो गए हैं। जगह-जगह दरकते पहाड़ और रोखड़ों से यात्रा जोखिम भरी बनी हुई है। बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सिद्धमोड़ पर फिर पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक कर पैदल रास्ते पर गिर गया, इससे मुख्य मंदिर जाने का रास्ता बंद हो गया है। ठुलीगाड़ एसएसबी कैंप के पास दरक रही पहाड़ी की गिरफ्त में आए पेड़ के कभी भी गिरने से दुर्घटना का खतरा बना है। इधर, बाटनागाड़ में भी भारी मलबा आने से सुबह के वक्त मार्ग करीब पांच घंटे तक बंद रहा।
उचौलीगोठ रोखड़ के पास सड़क चिकनी मिट्टी से पट गई है। इससे यात्रियों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बरसात के कारण पूर्णागिरि मार्ग पर जोखिम की स्थिति पैदा हो गई है। किरोड़ा रोखड़ से लेकर मुख्य मंदिर तक सड़क और पैदल मार्ग के हाल बदतर हैं। बुधवार रात बारिश से बाटनागाड़ में फिर भारी मलबा आने से सुबह के वक्त मार्ग करीब पांच घंटे बंद रहा। लोनिवि ने जेसीबी से मलबा हटाकर रास्ता खोला।
उधर, सिद्धमोड़ के पास दरकी पहाड़ी का मलबा हटाने को भी लोनिवि के श्रमिक वहां पहुंच गए हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि सावन माह के कारण इन दिनों बारिश में भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, जिन्हें रास्ते की परेशानियों के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उचौलीगोठ रोखड़ के पास सड़क चिकनी मिट्टी से पट गई है। इससे यात्रियों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बरसात के कारण पूर्णागिरि मार्ग पर जोखिम की स्थिति पैदा हो गई है। किरोड़ा रोखड़ से लेकर मुख्य मंदिर तक सड़क और पैदल मार्ग के हाल बदतर हैं। बुधवार रात बारिश से बाटनागाड़ में फिर भारी मलबा आने से सुबह के वक्त मार्ग करीब पांच घंटे बंद रहा। लोनिवि ने जेसीबी से मलबा हटाकर रास्ता खोला।
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उधर, सिद्धमोड़ के पास दरकी पहाड़ी का मलबा हटाने को भी लोनिवि के श्रमिक वहां पहुंच गए हैं। मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि सावन माह के कारण इन दिनों बारिश में भी श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं, जिन्हें रास्ते की परेशानियों के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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