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2030 तक चंपावत जिले के आर्थिक विकास को लेकर मंथन

Fri, 23 Feb 2018 10:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। 
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।  Updated Fri, 23 Feb 2018 10:49 PM IST
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economic development of Champawat district by 2030
सेमिनार में आए युवा - फोटो : अमर उजाला

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 जिला प्रशासन एवं इंटरनेशनल सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आईसीएसडी) के सौजन्य में जिला मुख्यालय के गोरलचौड़ मैदान में पहली बार सतत विकास पर्व नाम से दो दिनी अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हो गया है। इसमें 16 देशों के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के अलावा देश भर के 200 से अधिक चुनिंदा तथा विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके प्रतिनिधि भी प्रतिभाग कर रहे हैं। कई देशों के युवा प्रतिनिधि और छात्र चंपावत जिले के आर्थिक विकास के लिए अपने अनुभवों को साझा करने के साथ ही सुझाव भी देंगे। यह पहला मौका है जब चंपावत जिला मुख्यालय में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। 
सेमिनार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक चंपावत जिले का आर्थिक कायाकल्प करना है। इसके लिए 17 बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इसमें विभिन्न विभागों, संगठनों और आम लोगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सेमिनार में विभिन्न राज्यों से पहुंचे युवाओं और छात्रों ने कहा कि युवा शक्ति की सोच सतत विकास को सुनिश्चित करेगी। सेमिनार के पहले सत्र में इस्राइल, इंडोनेशिया, नाइजीरिया, उजबेकिस्तान, अफगानिस्तान, मिस्र, कजाकिस्तान, वियतनाम, सूडान, तूर्कमेनिस्तान, यमन आदि देशों के विषय विशेषज्ञों ने सामूहिक चर्चा की। जबकि कई अन्य देशों के प्रतिनिधियों के चंपावत पहुंचने का सिलसिला जारी है।
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विभिन्न विभागों और संगठनों ने लगाए उत्पादों के स्टाल
गोरलचौड़ मैदान में सतत विकास पर्व के शुभारंभ मौके पर विभिन्न विभागों और संगठनों की ओर से अपने अपने उत्पादों के स्टाल लगाए गए थे। स्टालों में स्थानीय उत्पादों के साथ अलाप, हिमालयन ब्लूम, रूम टू रीड, विंग्स एंड इको फाउंडेशन, कृषि, उद्यान, डेयरी, ग्राम्य विकास विभाग के साथ पूर्णागिरि एवं ऋषेश्वर स्वयं सहायता समूहों, आरसेटी, उद्योग केंद्र, कैलाश लौह उद्योग, सहकारिता विभाग की ओर से स्टाल लगाए गए।
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चंपावत की प्राकृतिक सुंदरता के दीवाने हुए विदेशी छात्र 
 जिला मुख्यालय में पहली बार आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में शामिल होने आए अधिकांश विदेशी छात्र-छात्राएं यहां की प्राकृतिक सुंदरता के दीवाने हो गए। यहां का शुद्ध पर्यावरण, हरी भरी वादियों को विदेशी छात्रों ने प्रकृति का सुंदर उपहार बताया। दिल्ली रामजस कालेज की शोध छात्रा सौम्या, तेलंगाना के शोध छात्र उमाशंकर और जेएनयू में अध्ययन कर रही इजराइल की ईरोब का कहना था कि चंपावत जिले और आसपास के क्षेत्रों का प्राकृतिक वातावरण बेहद खूबसूरत है। यहां के लोगों ने अब तक पर्यावरण को सहेजने में कामयाबी पाई है। यह उनके लिए शोध का विषय है कि यहां के वन और पर्यावरण को अब तक प्रदूषण की नजर कैसे नहीं लगी है। उनका कहना है कि दो दिनी सेमिनार में जिले की विविधताओं, भौगोलिक परिस्थितियों, आर्थिक विकास का ढांचा नए कलेवर में तैयार करने, जल-जंगल एवं नदी-घाटी संरक्षण, क्वालिटी एजुकेशन, प्लास्टिक से हो रही हानियों, बचाव के उपाय, पर्यावरण स्वच्छता, भूमि की उर्वरा शक्ति, भविष्य में विकास की संभावनाएं, गांवों के विकास के लिए कलस्टरों का गठन आदि संभावनों को तलाशने पर व्यापक विमर्श किया जाएगा। डीएम डॉ. अहमद इकबाल का कहना है कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेश के छात्रों को पर्यटन स्थलों के अलावा स्थानीय इतिहास, आर्थिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु, सामाजिकता, संस्कृति, खनिज संपदा, भौगोलिक सीमाएं, नदियों, कृषि आदि के बारे में जानने की विशेष रुचि दिखाई है।

 
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