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Champawat News: पहले निर्माण होने दिया अब अड़ंगा लगा रहा जिला पंचायत

Wed, 13 Dec 2023 09:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 13 Dec 2023 09:22 PM IST
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Earlier the construction was allowed, now the District Panchayat is creating hurdles.
चंपावत के दियूरी में निर्माणाधीन विवेकानंद ध्यान केंद्र। संवाद
चंपावत। वर्ष 1893 में शिकागो के धर्म सम्मेलन से दुनियाभर में आध्यात्मिक पताका फहराने वाले स्वामी विवेकानंद का चंपावत जिले से ताल्लुक रहा है लेकिन उनसे जुड़ी दियूरी की विरासत पर इस समय खतरा मंडरा रहा है। इसकी वजह दो विभागों के बीच भूमि का स्वामित्व विवाद है। इसके बाद से अब काम पर अड़ंगा लग गया है। जिला पंचायत ने शुरू में काम करने दिया लेकिन अब इस भूमि पर अपना हक जता रहा है। इससे कार्यदायी एजेंसी लोनिवि ने भी काम से हाथ पीछे खींच लिए हैं।
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जिला मुख्यालय से 25 किमी दूर दियूरी के डाकबंगले में स्वामी विवेकानंद 19 जनवरी 1901 को ठहरे थे। वर्ष 2021 में पुराने भवन को तोड़ उस स्थान पर लोनिवि ने विवेकानंद ध्यान केंद्र बनाया। 22.95 लाख रुपये से केंद्र के दो कक्ष बन गए। प्रतिमा, सुरक्षा दीवार और अन्य बकाया काम के लिए बजट आता, इससे पहले ही जिला पंचायत ने यहां जमीन पर अपना हक जताया।
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इसे लेकर जिला पंचायत ने बाकायदा इस साल 21 अगस्त को लोनिवि को पत्र भेजा। इसके बाद से लोनिवि ने पांव पीछे खींच लिए। स्वामी विवेकानंद जी से जुड़ी एतिहासिक धरोहर के निर्माण पर भी तलवार लटक गई है। संवाद
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दियूरी में तीन साथियों के साथ रुके थे स्वामी विवेकानंद
चंपावत। मायावती अद्वैत आश्रम और चंपावत के बाद स्वामी विवेकानंद दियूरी के डाकबंगले में तीन अन्य साथियों के साथ ठहरे थे। दियूरी के उस बंगले को ढहाकर ध्यान केंद्र का रूप दिया जा रहा है। डाकबंगले में स्वामी जी और उनके गुरु भाई स्वामी सदानंद और स्वामी विरजानंद के अलावा अल्मोड़ा के लाला गोविंद लाल शाह ने घी और भात खाया। दियूरी के लोगों का कहना है कि ऐसी अमूल्य विरासत वाली जगह में विवेकानंद ध्यान केंद्र जल्द बनाया जाना चाहिए। संवाद
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जिला पंचायत का पक्ष
दियूरी में जिला पंचायत का पुराना डाकबंगला था। इसे तोड़ने और नए भवन के निर्माण के समय जिला पंचायत से अनापत्ति भी नहीं ली गई। वहां पंचायत की दो नाली 12 मुट्ठी जमीन है। - भगवत पाटनी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।
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लोनिवि का पक्ष
जिला पंचायत की ओर से भूमि पर स्वामित्व के भेजे गए पत्र के बाद से लोनिवि ने काम रोक दिया है। बजट की मांग के लिए भी अब पत्र नहीं भेजे जा रहे है। पंचायत को अगर कोई एतराज था तो काम शुरू होने से पहले बताना चाहिए था। - हेम चंद्र पुनेठा, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि।

कोट
दियूरी में आध्यात्मिक मनीषी स्वामी विवेकानंद की एतिहासिक विरासत है। इसमें निर्माणाधीन कार्य को लेकर जिला पंचायत की ओर से भूमि पर दावा किया गया है। विवाद को निपटाते हुए इस धरोहर के काम को पूरा कराया जाएगा। विवेकानंद की प्रतिमा और शेष कार्य पूरा कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे। - नवनीत पांडे, डीएम, चंपावत।

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