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जान हथेली पर रख दो किमी पैदल आवाजाही की
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:55 PM IST
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धौन के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से पहाड़ी रास्तों से गुजरते बुजुर्ग यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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एनएच बंद होने से लोगों को भारी परेशानी हुई। बड़ी संख्या में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के दूसरी छोर पर जाने के लिए कठिन पैदल मार्ग का सहारा लिया। ठुलखोला नाले के बीच से जाने वाला तकरीबन दो किलोमीटर का यह मार्ग बेहद जोखिम भरा भी था। ऐसे में यात्री रातभर भूखे रहे। वहीं प्रशासन की भूमिका भी ढीलीढाली रही।
फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए रात में प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया। लोगों को मार्ग की हालत बताने के लिए प्रशासन का खास बंदोबस्त नहीं था। तनुजा जोशी, भावना जोशी सहित कई फंसे यात्रियों का कहना था कि टनकपुर में पुलिस व प्रशासन द्वारा रोड की हालत की जानकारी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
लोहाघाट के एलएम कुंवर, चंपावत के भुवन चंद्र पांडेय बुधवार रात से करीब 18 घंटे तक धौन के पास फंसे रहे। उन्हें रात में न खाना मिला न पानी। इन लोगों की पूरी रात भूख ही नहीं डर के बीच कटी। ऐसी हालत कई अन्य लोगों की भी थी। पिथौरागढ़ से पीलीभीत जा रहे मोहम्मद इकराम, इंतजाम अहमद सुबह सात बजे से, पत्नी के साथ पिथौरागढ़ से खटीमा जा रहे राजेंद्र सिंह को भी 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। रीठा साहिब गुरुद्वारे से लौट रहे ऊधमसिंह नगर जिले के हरमित सिंह सहित कई यात्री भी फंसे। रोजगार के सिलसिले में रीठा साहिब जा रहे 17 लोग भी मायूस रहे।
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ऑपरेशन करा लौट रही जल संस्थान के गोविंद डीनिया की बेटी को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। 29 जुलाई से होने वाली कराटे की राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता के लिए कोलकत्ता जाने वाले पिथौरागढ़ के निखिलेश्वर चिल्ड्रन एकेडमी के पांच छात्रों को शाम टनकपुर पहुंचाना था। इन बच्चों ने खतरनाक पैदल रास्तों को पार कर किसी तरह आगे बढ़े। जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि पुलिस व प्रशासन रास्ते में फंसे यात्रियों की मदद कर रहा है।
चल्थी में रोके वाहन
चल्थी की पुलिस चौकी में टनकपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को सुरक्षा कारणों से रोका गया। चौकी प्रभारी पीआर विश्वकर्मा ने बताया कि सुरक्षागत कारणों से वाहनों को रोका गया है। रोड के खुलने के बाद इन वाहनों को भेजा जाएगा।
चंपावत जिले में बारिश
चंपावत:15 मिलीमीटर।
लोहाघाट:1.2 मिलीमीटर।
पाटी:0 मिलीमीटर।
बनबसा:21 मिलीमीटर।
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फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए रात में प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया। लोगों को मार्ग की हालत बताने के लिए प्रशासन का खास बंदोबस्त नहीं था। तनुजा जोशी, भावना जोशी सहित कई फंसे यात्रियों का कहना था कि टनकपुर में पुलिस व प्रशासन द्वारा रोड की हालत की जानकारी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
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लोहाघाट के एलएम कुंवर, चंपावत के भुवन चंद्र पांडेय बुधवार रात से करीब 18 घंटे तक धौन के पास फंसे रहे। उन्हें रात में न खाना मिला न पानी। इन लोगों की पूरी रात भूख ही नहीं डर के बीच कटी। ऐसी हालत कई अन्य लोगों की भी थी। पिथौरागढ़ से पीलीभीत जा रहे मोहम्मद इकराम, इंतजाम अहमद सुबह सात बजे से, पत्नी के साथ पिथौरागढ़ से खटीमा जा रहे राजेंद्र सिंह को भी 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। रीठा साहिब गुरुद्वारे से लौट रहे ऊधमसिंह नगर जिले के हरमित सिंह सहित कई यात्री भी फंसे। रोजगार के सिलसिले में रीठा साहिब जा रहे 17 लोग भी मायूस रहे।
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ऑपरेशन करा लौट रही जल संस्थान के गोविंद डीनिया की बेटी को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। 29 जुलाई से होने वाली कराटे की राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता के लिए कोलकत्ता जाने वाले पिथौरागढ़ के निखिलेश्वर चिल्ड्रन एकेडमी के पांच छात्रों को शाम टनकपुर पहुंचाना था। इन बच्चों ने खतरनाक पैदल रास्तों को पार कर किसी तरह आगे बढ़े। जिला आपदा नियंत्रण अधिकारी मनोज पांडेय का कहना है कि पुलिस व प्रशासन रास्ते में फंसे यात्रियों की मदद कर रहा है।
चल्थी में रोके वाहन
चल्थी की पुलिस चौकी में टनकपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को सुरक्षा कारणों से रोका गया। चौकी प्रभारी पीआर विश्वकर्मा ने बताया कि सुरक्षागत कारणों से वाहनों को रोका गया है। रोड के खुलने के बाद इन वाहनों को भेजा जाएगा।
चंपावत जिले में बारिश
चंपावत:15 मिलीमीटर।
लोहाघाट:1.2 मिलीमीटर।
पाटी:0 मिलीमीटर।
बनबसा:21 मिलीमीटर।