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पूर्णागिरि क्षेत्र में कुत्ते ने नौ श्रद्धालुओं को काटा
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर
Updated Sat, 27 May 2017 10:35 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार के समीप पागल कुत्ते के काटने से घायल आशीष व वृद्व दामोदर।
- फोटो : अमर उजाला
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मां पूर्णागिरि धाम के प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ के पास कुत्ते ने नौ श्रद्धालुओं को काट कर घायल कर दिया। इस घटना से ठुलीगाड़ क्षेत्र में अफरातफरी मची रही। सूचना पर सीओ आरएस रौतेला ने मौके पर पहुंच कुत्ते को तलाश कर मारने के निर्देश दिए, लेकिन इतने लोगों को काटने के बाद जंगल की ओर गया कुत्ता नजर नहीं आया।
शनिवार सुबह पूर्णागिरि के ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब वहां एक कुत्ते ने राह चलते लोगों को काटना शुरू किया। कुछ ही देर में कुत्ते ने नौ लोगों को काटकर घायल कर दिया। ठुलीगाड़ थाने के पुलिस कर्मी व जिला पंचायत के सफाई कर्मचारी कुत्ते को मारने दौड़े तो वह जंगल की ओर भाग गया। ठुलीगाड़ पुलिस ने घायल श्रद्धालुओं को फौरन सीएचसी पहुंचाकर उपचार कराया। बाद में सीओ ने ठुलीगाड़ पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। सीओ ने बताया कि घटना के बाद जंगल की ओर गया कुत्ता दिखाई नहीं पड़ रहा है। पुलिस एवं जिला पंचायत के सफाई कर्मचारियों को कुत्ते को तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। घायल हुए यात्रियों में बदायूं निवासी आशीष कुमार (11), दामोदर (65), अशोक कुमार (58), विनीत कुमार (5), विशाल (12), करन (12), लक्ष्मी (20), पिंदारी बहेड़ी निवासी वरन सिंह (24), रिंकी (17) शामिल हैं। सीएचसी में घायलों की मरहम पट्टी और टिटनेस के इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया गया है।
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अस्पताल में एक माह से नहीं है एंटी रैबीज के इंजेक्शन
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि में कुत्ते के श्रद्धालुओं को काटकर घायल करने की घटना ने फिर सीएचसी की पोल खोली है। एंटी रैबीज के इंजेक्शन न होने से घायल यात्रियों को सिर्फ मरहम पट्टी और टिटनेस का इंजेक्शन लगाकर घर भेजना पड़ा है। अब पीड़ित श्रद्धालुओं को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। अस्पताल में पिछले एक माह से एंटी रैबीज के इंजेक्शन नहीं हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि इंजेक्शनों की डिमांड की गई है। राज्य औषधि भंडार से ही इंजेक्शनों की सप्लाई न होने से यह स्थिति पैदा हुई है।
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