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ऐसे तो स्वच्छ नहीं होगा अपना जिला
Thu, 07 Mar 2019 10:36 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
गिरीश बिष्ट चंपावत।
गिरीश बिष्ट चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 07 Mar 2019 10:36 PM IST
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चंपावत में सर्किट हाउस के नजदीक खेतीखान रोड पर इस जगह पर हो रहा है कूड़ा निस्तारण।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत जिले में शहरों को गंदगी से बाहर निकाल पाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। बुधवार को देशभर की सफाई की जारी रैंकिंग में भी चंपावत जिले की नगर निकायें सफाई में फिसड्डी रही हैं। पिछले साल चंपावत सफाई में 372वें नंबर पर था। इस बार ये रैंकिंग गिरकर 874 हो गई है। जिले में रोजाना 25 टन से अधिक कूड़ा एकत्र होता है। इसे निस्तारित करने के लिए चारों निकायों में से एक भी जगह ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं है। यहां तक कि मानवाधिकार आयोग के निर्देशों को भी ताख पर रखा जा रहा है।
चंपावत में ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित नहीं होने से ललुवापानी रोड पर सर्किट हाउस के पास खुले में कूड़े का निस्तारण हो रहा है। इसकी सड़ांध से लोगों का जीना दुश्वार बना हुआ है। वहीं बायो मेडिकल वेस्ट के अलग से निस्तारण की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि जमीन नहीं मिल पाने से ट्रंचिंग ग्राउंड का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जमीन की तलाश की जा रही है।
आठ लाख की कांपैक्टर मशीन भी शो-पीस बनी
चंपावत नगरपालिका की ओर से अजैविक कूड़े की रिसाईकिलिंग के लिए करीब चार साल पूर्व आठ लाख रुपये से कांपैक्टर मशीन लगाई गई। इस मशीन में पॉलीथिन के कूड़े को रिसाइकिल कर उसके ईंधन संबंधी ब्लॉक तैयार किए जाने थे। इससे आमदनी अर्जित की जानी थी जो कि नहीं हो पाया। सेलाखोला वन पंचायत की भूमि में लगाई गई कांपैक्टर मशीन ऑपरेटर नहीं होने से शोपीस बनी हुई है।
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लोहाघाट में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए रिलीज नहीं हो रहा बजट
लोहाघाट (चंपावत)। शहर के कूड़े निस्तारण की व्यवस्था भी चरमराई हुई है। चंदाखाल में निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड का काम धनाभाव के कारण लंबे समय से लटका पड़ा हुआ है। आधे-अधूरे पड़े ट्रंचिंग ग्राउंड में पंचायत रोजाना 4 टन कूड़े का निस्तारण कर रही है। कई बार नियमों को ताख पर रख कर इस कूड़े को जला भी दिया जाता है। अधिशासी अधिकारी कमल कुमार का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। करीब 18 लाख रुपये दीवार, समतलीकरण और पहुंच मार्ग बनाने में खर्च हो चुके हैं। आगे बजट नहीं मिलने से काम लटका है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि बजट की फिर से मांग की जा रही है।
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चंपावत में ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित नहीं होने से ललुवापानी रोड पर सर्किट हाउस के पास खुले में कूड़े का निस्तारण हो रहा है। इसकी सड़ांध से लोगों का जीना दुश्वार बना हुआ है। वहीं बायो मेडिकल वेस्ट के अलग से निस्तारण की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार ने बताया कि जमीन नहीं मिल पाने से ट्रंचिंग ग्राउंड का काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जमीन की तलाश की जा रही है।
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आठ लाख की कांपैक्टर मशीन भी शो-पीस बनी
चंपावत नगरपालिका की ओर से अजैविक कूड़े की रिसाईकिलिंग के लिए करीब चार साल पूर्व आठ लाख रुपये से कांपैक्टर मशीन लगाई गई। इस मशीन में पॉलीथिन के कूड़े को रिसाइकिल कर उसके ईंधन संबंधी ब्लॉक तैयार किए जाने थे। इससे आमदनी अर्जित की जानी थी जो कि नहीं हो पाया। सेलाखोला वन पंचायत की भूमि में लगाई गई कांपैक्टर मशीन ऑपरेटर नहीं होने से शोपीस बनी हुई है।
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लोहाघाट में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए रिलीज नहीं हो रहा बजट
लोहाघाट (चंपावत)। शहर के कूड़े निस्तारण की व्यवस्था भी चरमराई हुई है। चंदाखाल में निर्माणाधीन ट्रंचिंग ग्राउंड का काम धनाभाव के कारण लंबे समय से लटका पड़ा हुआ है। आधे-अधूरे पड़े ट्रंचिंग ग्राउंड में पंचायत रोजाना 4 टन कूड़े का निस्तारण कर रही है। कई बार नियमों को ताख पर रख कर इस कूड़े को जला भी दिया जाता है। अधिशासी अधिकारी कमल कुमार का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। करीब 18 लाख रुपये दीवार, समतलीकरण और पहुंच मार्ग बनाने में खर्च हो चुके हैं। आगे बजट नहीं मिलने से काम लटका है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि बजट की फिर से मांग की जा रही है।