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क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत की कवायद तेज

Mon, 25 Sep 2017 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)। 
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।  Updated Mon, 25 Sep 2017 11:18 PM IST
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भारत-नेपाल सीमा पर सीमा स्तंभों की मरम्मत, रख-रखाव को लेकर प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। सोमवार को एसडीएम अनिल चन्याल ने एसएसबी, पुलिस, वन विभाग के अधिकारियों की बैठक कर स्तंभों को लेकर विचार-विमर्श किया। तय हुआ है कि जल्द ही मामले को लेकर नेपाल के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर फैसला लिया जाएगा।  
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नेपाल बॉर्डर में सीमा स्तंभों को लेकर एसएसबी द्वारा डीएम को भेजी गई रिपोर्ट के बाद एसडीएम ने एसएसबी, पुलिस, वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी देते हुए एसडीएम ने बताया कि क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत को लेकर शीघ्र ही नेपाल के अधिकारियों के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा।
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दोनों देशों के प्रशासन के बीच सहमति के बाद ही सीमा स्तंभों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। भारत-नेपाल सीमा पर सीमा स्तंभों के क्षतिग्रस्त होने के साथ ही कुछ स्तंभों के गायब होने से दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमा विवाद बना हुआ है। सीमा विवाद के कारण दोनों देशों की ओर से नो मैंस लैंड में अतिक्रमण भी हुआ है।
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अतिक्रमण का यह मुुद्दा समय-समय पर होने वाली दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक में तो उठता ही है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी इसके समाधान का प्रयास जारी है। इस दौरान आयोजित बैठक में एसएसबी के सहायक कमान अधिकारी अमृतपुर एलपी उपाध्याय, सहायक कमान अधिकारी बूम सुनील अहलावत, सहायक कमान अधिकारी बनबसा सुमन सौरभ, उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, हल्द्वानी वन प्रभाग के एसडीओ बाबू लाल, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, रेंजर जी राजपूत, बीके महरा आदि थे। 
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