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बारिश के बाद भी कम नहीं पेयजल संकट
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चंपावत। शुक्रवार रात हुई बारिश के बावजूद चंपावत में पानी की किल्लत कम नहीं हुई। अब भी लोगों को कई मोहल्ले में चार दिन में एक बार भी नलों में पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश जगह बूंद-बूंद पानी मिलने से लोग नौले, हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। लोग जल संस्थान के टैंकर और पिकअप के जरिये पानी भरने को मजबूर हैं।
चंपावत नगर क्षेत्र में इस साल मार्च से ही लोग भारी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। चंपावत नगर में ही खड़ी बाजार, शांत बाजार, कनलगांव, जीआईसी मोहल्ला, ब्लॉक क्षेत्र सहित कई हिस्से पानी की कमी झेल रहे हैं। यहां लोगों को नलों के जरिये चार दिन में एक बार पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते शहर के लोग दूरदराज से नौलों और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। पेयजल का संकट नगर क्षेत्र में ही नहीं, चंपावत के जिला अस्पताल में भी है। यहां भी टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
चंपावत नगर क्षेत्र में 23.60 लाख लीटर रोजाना के सापेक्ष इस वक्त पांच लाख लीटर (21.18 प्रतिशत) से भी कम पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा का कहना है कि जल स्रोतों के सूखने से परेशानी बढ़ी है। अलबत्ता संस्थान दो टैंकर और पांच पिकअप के जरिये रोजाना 27 हजार लीटर पानी लोगों को मुहैय्या करा रहा है।
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चंपावत नगर क्षेत्र में इस साल मार्च से ही लोग भारी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। चंपावत नगर में ही खड़ी बाजार, शांत बाजार, कनलगांव, जीआईसी मोहल्ला, ब्लॉक क्षेत्र सहित कई हिस्से पानी की कमी झेल रहे हैं। यहां लोगों को नलों के जरिये चार दिन में एक बार पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते शहर के लोग दूरदराज से नौलों और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। पेयजल का संकट नगर क्षेत्र में ही नहीं, चंपावत के जिला अस्पताल में भी है। यहां भी टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है।
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चंपावत नगर क्षेत्र में 23.60 लाख लीटर रोजाना के सापेक्ष इस वक्त पांच लाख लीटर (21.18 प्रतिशत) से भी कम पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा का कहना है कि जल स्रोतों के सूखने से परेशानी बढ़ी है। अलबत्ता संस्थान दो टैंकर और पांच पिकअप के जरिये रोजाना 27 हजार लीटर पानी लोगों को मुहैय्या करा रहा है।
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