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चम्पावत: पूर्णागिरि धाम में सरकारी अस्पताल की मांग
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में सरकारी मेला अवधि में कई सरकारी इंतजाम होते हैं लेकिन सरकारी अस्पताल न होने के कारण मेला निपटने के बाद लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसलिए मेला संचालन समिति ने पिछले साल से यहां अपने स्तर से प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की है। वर्ष 2022 के पूरे साल में पूर्णागिरि धाम आने वाले नौ श्रद्धालुओं की हृदयगति रुकने, चोट लगने या अन्य कारणों से मौत हुई। पूर्णागिरि धाम में सालभर में नौ महीने इलाज का कोई सरकारी बंदोबस्त नहीं है जबकि इस क्षेत्र के आसपास सेलागाड़, कलढुंगा, चूका जैसे कई गांव हैं। इनमें 1,700 से अधिक लोग रहते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेला संचालन मद से एक फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है। उसे समिति ही मानदेय देती है। टनकपुर अस्पताल सहित कई जगह से दवा मंगाकर लोगों को प्राथमिक इलाज दिया जाता है। हर माह औसतन 225 से अधिक मरीज यहां इलाज करवा रहे हैं। ग्राम प्रधान मंजू पांडेय, सुरेश तिवारी, मोहन पांडेय, नेत्रबल्लभ तिवारी, पूरन सिंह, रमेश पांडेय, महेश सिंह, राजेंद्र सिंह, नवीन पांडेय आदि ने वहां सरकारी अस्पताल खोलने की मांग की है।
मेलावधि में लगते हैं तीन स्वास्थ्य शिविर
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। होली बाद मार्च से शुरू सरकारी मेला जून तक चलता है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ठुलीगाड़, भैरव मंदिर, काली मंदिर के पास अस्थायी अस्पताल खोलने के साथ डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात किए जाते हैं लेकिन मेला निपटने के बाद ये प्रबंध हटा लिए जाते हैं।
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पूर्णागिरि क्षेत्र में विभाग के स्तर से कोई स्थायी व्यवस्था फिलहाल नहीं है। मौजूदा पर्यटक आवास गृह के स्थान पर होने वाले नए निर्माण में पार्किंग, टीआरएच, स्वास्थ्य केंद्र का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेला संचालन मद से एक फार्मासिस्ट की तैनाती की गई है। उसे समिति ही मानदेय देती है। टनकपुर अस्पताल सहित कई जगह से दवा मंगाकर लोगों को प्राथमिक इलाज दिया जाता है। हर माह औसतन 225 से अधिक मरीज यहां इलाज करवा रहे हैं। ग्राम प्रधान मंजू पांडेय, सुरेश तिवारी, मोहन पांडेय, नेत्रबल्लभ तिवारी, पूरन सिंह, रमेश पांडेय, महेश सिंह, राजेंद्र सिंह, नवीन पांडेय आदि ने वहां सरकारी अस्पताल खोलने की मांग की है।
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मेलावधि में लगते हैं तीन स्वास्थ्य शिविर
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। होली बाद मार्च से शुरू सरकारी मेला जून तक चलता है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग ठुलीगाड़, भैरव मंदिर, काली मंदिर के पास अस्थायी अस्पताल खोलने के साथ डॉक्टर और फार्मासिस्ट तैनात किए जाते हैं लेकिन मेला निपटने के बाद ये प्रबंध हटा लिए जाते हैं।
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पूर्णागिरि क्षेत्र में विभाग के स्तर से कोई स्थायी व्यवस्था फिलहाल नहीं है। मौजूदा पर्यटक आवास गृह के स्थान पर होने वाले नए निर्माण में पार्किंग, टीआरएच, स्वास्थ्य केंद्र का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।