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खतरे का सबब बने हैं सड़क पर बने गड्ढे
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:33 PM IST
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लबालब कीचड़ और गड्ढों से पटी पाटी-छतरीदयार सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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पाटी - छतरीद्यार सड़क मार्ग की हालत काफी बदहाल बनी हुई है। नालियां बंद होने के चलते सारा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इससे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर गड्ढों में दो पहिया वाहन रपटने से कई लोग घायल हो चुके हैं। हेम सोराड़ी, हेम शर्मा, मनोज भट्ट, टीकाराम सोराड़ी, ललित भट्ट, दीपक भट्ट, त्रिलोचन भट्ट, नवीन शर्मा आदि ने सड़क पर जल्दी डामरीकरण करने की मांग की है। उन्होंने डामरीकरण न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने करीब 25 साल पहले छतरीद्यार तक एक किलोमीटर सड़क का निर्माण किया था, मगर अब तक इसमें डामरीकरण नहीं किया गया। कई बार मांग करने के बाद भी विभाग सुध नहीं ले रहा है। जिसका खामियाजा यहां की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय, लोनिवि विश्रामगृह, मल्लिकार्जुन विद्यालय और अन्य गांव के कई स्कूल भी इसी मार्ग पर पड़ते हैं। इसके बाद भी इसकी हालत काफी बदहाल बनी है।
मामूली सी बरसात होने पर सड़क गंदे नाले में तब्दील हो जाती है। कुछ दिन पहले इस सड़क पर शिक्षक सुभाष उपाध्याय का दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता नवीन चंद्र ने कहा कि धन नहीं मिलने सोलिंग और डामर का काम नहीं हो पा रहा है। विस्तृत प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
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फोटो 18 एलएचजी 02पी
लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग ने करीब 25 साल पहले छतरीद्यार तक एक किलोमीटर सड़क का निर्माण किया था, मगर अब तक इसमें डामरीकरण नहीं किया गया। कई बार मांग करने के बाद भी विभाग सुध नहीं ले रहा है। जिसका खामियाजा यहां की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय, लोनिवि विश्रामगृह, मल्लिकार्जुन विद्यालय और अन्य गांव के कई स्कूल भी इसी मार्ग पर पड़ते हैं। इसके बाद भी इसकी हालत काफी बदहाल बनी है।
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मामूली सी बरसात होने पर सड़क गंदे नाले में तब्दील हो जाती है। कुछ दिन पहले इस सड़क पर शिक्षक सुभाष उपाध्याय का दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए थे। लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता नवीन चंद्र ने कहा कि धन नहीं मिलने सोलिंग और डामर का काम नहीं हो पा रहा है। विस्तृत प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
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