{"_id":"64b2d72957a3da0b7c026084","slug":"dangerous-schools-will-run-in-rented-buildings-champawat-news-c-229-1-shld1009-531-2023-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: किराये के भवन में चलेंगे खतरे वाले स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: किराये के भवन में चलेंगे खतरे वाले स्कूल
Sat, 15 Jul 2023 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 15 Jul 2023 10:58 PM IST
विज्ञापन
जीर्णशीर्ण हाल में चंपावत जिले का प्राइमरी स्कूल। संवाद
चंपावत। चंपावत जिले में आपदा के लिहाज से खतरनाक विद्यालयों को दूसरी जगह संचालित किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों को सरकारी भवन या किराये के मकान में चलाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित ने जिले के सभी उप शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी किए हैं।
चंपावत जिले के कुल 665 विद्यालयों के भवनों में से 35 प्राइमरी स्कूल भवन ऐसे हैं, जो बारिश में खतरनाक हैं। ये भवन या तो जर्जर हैं या यहां जाने के लिए नदी-नालों के आसपास वाले इन स्कूलों में हर पल खतरा रहता है। शिक्षा विभाग ने सर्वे के बाद जीर्णशीर्ण (टूटी दीवार, टपकती छत), भूस्खलन वाले क्षेत्र, नदी और गधेरे के नजदीक स्थित स्कूलों को इस श्रेणी में शामिल किया है। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था के साथ एहतियाती उपाय किए हैं।
चंपावत जिले के संवेदनशील स्कूल:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सागों, रक्षादेवी, मूलाकोट, पनिया, सुंगरखाल, छतोली, मटियाली, पेडूसेरा, रौसाल, बलाना, धौनीशिलिंग, कोटसारी, कुंडीमारा, मोड़ा, गुड़मांगल, पीपलखाल, टमटकांडे, सीम, कायल, लोजनी, नगरूघाट, लेटी, लोडियालसेरा, फुरकियाझाला, स्यूतोला, दुबचौड़ा, लमकव्वा, डांडा, बनबसा, हरम, छंदा, सील बरूड़ी, वार्ड नंबर दस और कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुरा।
विज्ञापन
कोट
आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील विद्यालयों में कक्षाओं को संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। खतरे वाले सभी 35 स्कूल भवनों के बजाय पास के सरकारी भवन में चलाया जाएगा। सरकारी भवन नहीं मिलने की दशा में ये विद्यालय किराये के भवनों में संचालित किए जाएंगे। इसके लिए सरकारी दर से किराया दिया जाएगा।
आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।
विज्ञापन
चंपावत जिले के कुल 665 विद्यालयों के भवनों में से 35 प्राइमरी स्कूल भवन ऐसे हैं, जो बारिश में खतरनाक हैं। ये भवन या तो जर्जर हैं या यहां जाने के लिए नदी-नालों के आसपास वाले इन स्कूलों में हर पल खतरा रहता है। शिक्षा विभाग ने सर्वे के बाद जीर्णशीर्ण (टूटी दीवार, टपकती छत), भूस्खलन वाले क्षेत्र, नदी और गधेरे के नजदीक स्थित स्कूलों को इस श्रेणी में शामिल किया है। इसके मद्देनजर शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्था के साथ एहतियाती उपाय किए हैं।
विज्ञापन
चंपावत जिले के संवेदनशील स्कूल:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सागों, रक्षादेवी, मूलाकोट, पनिया, सुंगरखाल, छतोली, मटियाली, पेडूसेरा, रौसाल, बलाना, धौनीशिलिंग, कोटसारी, कुंडीमारा, मोड़ा, गुड़मांगल, पीपलखाल, टमटकांडे, सीम, कायल, लोजनी, नगरूघाट, लेटी, लोडियालसेरा, फुरकियाझाला, स्यूतोला, दुबचौड़ा, लमकव्वा, डांडा, बनबसा, हरम, छंदा, सील बरूड़ी, वार्ड नंबर दस और कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुरा।
विज्ञापन
कोट
आपदा के दृष्टिगत संवेदनशील विद्यालयों में कक्षाओं को संचालित नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। खतरे वाले सभी 35 स्कूल भवनों के बजाय पास के सरकारी भवन में चलाया जाएगा। सरकारी भवन नहीं मिलने की दशा में ये विद्यालय किराये के भवनों में संचालित किए जाएंगे। इसके लिए सरकारी दर से किराया दिया जाएगा।
आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।