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Champawat News: नेपाल में लंपी ग्रसित हो रहे दुधारू पशु
Mon, 10 Jul 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 10 Jul 2023 10:50 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। नेपाल के कंचनपुर जिले में दुधारू पशुओं में लंपी के लक्षण पाए गए हैं। दूधिए नेपाल से लाकर यहां दूध बेचते हैं। इन दिनों भी भारतीय दूधिए रोज दूध ला रहे हैं। इससे यहां भी पशुओं में संक्रमण का खतरा है।
नेपाल में दूध उत्पादन अधिक होने और दूध से दाम कम होने से बनबसा, टनकपुर, चकरपुर और खटीमा के दूधिए वहां से दूध लाकर यहां बेचते हैं। इन दिनों नेपाल के कंचनपुर जिले में दुधारू पशु लंपी से संक्रमित हैं। कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर स्थित भीमदत्त नगरपालिका में ही करीब ढाई सौ पशुओं में लंपी के लक्षण बताए जा रहे हैं। कंचनपुर जिला पशु कार्यालय प्रमुख महेंद्र पांडेय के मुताबिक वहां छह सौ से अधिक पशु लंपी ग्रसित निकले हैं। बनबसा से सटे नेपाल के चांदनी, दोधारा में दो सौ पशु लंपी से पीड़ित हैं। सरकार ने जिले के बाहर से दूध और पशुओं के परिवहन पर रोक लगाई है। इसके बाद भी नेपाल से दूध लाकर बेचा जा रहा है।
बनबसा पशु अस्पताल के चिकित्साधिकारी डाॅ. अमित के मुताबिक लंपी ग्रसित पशुओं के संपर्क में आने से दूधियों के माध्यम से यहां भी लंपी संक्रमण का खतरा है। लंपी ग्रसित पशु का दूध निकालने से पहले वहां चूने का छिड़काव, हाथों को पूरी तरह धोकर दूध दुहा जाना चाहिए। डाॅ. अमित ने बताया कि राज्य सरकार ने जिले के से बाहर दूध और मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाई है।
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पांच बकरियों की माैत, मुआवजे की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के चामी गांव में पांच बकरियों की अचानक मौत हो गई। ग्रामीणों ने बकरियों की मौत के कारणों का पता लगाने के साथ पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। ग्राम प्रधान प्रकाश सिंह महर ने बताया कि गंगा देवी की करीब आठ बकरियां जंगल चरने गई थीं। जंगल से लौटने के बाद एक के बाद एक पांच बकरियों की मौत हो गई जबकि तीन बकरियों की हालत अभी भी खराब है। प्रधान ने बताया कि गंगा देवी अपनी बूढ़ी मां के साथ मायके में रहती हैं जो बकरियां बेचकर परिवार का भरण पोषण करती हैं। एक साथ पांच बकरियों के मरने से गंगा के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान प्रकाश, विक्रम सिंह, देव सिंह, सोबन सिंह, राजेंद्र सिंह, कमला देवी, बबीता देवी आदि ने पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने बताया कि सूचना के बाद क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. सुशोभित कुमार सिंह ने बकरियों का पोस्टमार्टम किया। संवाद
कोट
नेपाल से दूध आने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - सुंदर सिंह, एसडीएम, टनकपुर
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नेपाल में दूध उत्पादन अधिक होने और दूध से दाम कम होने से बनबसा, टनकपुर, चकरपुर और खटीमा के दूधिए वहां से दूध लाकर यहां बेचते हैं। इन दिनों नेपाल के कंचनपुर जिले में दुधारू पशु लंपी से संक्रमित हैं। कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर स्थित भीमदत्त नगरपालिका में ही करीब ढाई सौ पशुओं में लंपी के लक्षण बताए जा रहे हैं। कंचनपुर जिला पशु कार्यालय प्रमुख महेंद्र पांडेय के मुताबिक वहां छह सौ से अधिक पशु लंपी ग्रसित निकले हैं। बनबसा से सटे नेपाल के चांदनी, दोधारा में दो सौ पशु लंपी से पीड़ित हैं। सरकार ने जिले के बाहर से दूध और पशुओं के परिवहन पर रोक लगाई है। इसके बाद भी नेपाल से दूध लाकर बेचा जा रहा है।
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बनबसा पशु अस्पताल के चिकित्साधिकारी डाॅ. अमित के मुताबिक लंपी ग्रसित पशुओं के संपर्क में आने से दूधियों के माध्यम से यहां भी लंपी संक्रमण का खतरा है। लंपी ग्रसित पशु का दूध निकालने से पहले वहां चूने का छिड़काव, हाथों को पूरी तरह धोकर दूध दुहा जाना चाहिए। डाॅ. अमित ने बताया कि राज्य सरकार ने जिले के से बाहर दूध और मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाई है।
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पांच बकरियों की माैत, मुआवजे की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड बाराकोट के चामी गांव में पांच बकरियों की अचानक मौत हो गई। ग्रामीणों ने बकरियों की मौत के कारणों का पता लगाने के साथ पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। ग्राम प्रधान प्रकाश सिंह महर ने बताया कि गंगा देवी की करीब आठ बकरियां जंगल चरने गई थीं। जंगल से लौटने के बाद एक के बाद एक पांच बकरियों की मौत हो गई जबकि तीन बकरियों की हालत अभी भी खराब है। प्रधान ने बताया कि गंगा देवी अपनी बूढ़ी मां के साथ मायके में रहती हैं जो बकरियां बेचकर परिवार का भरण पोषण करती हैं। एक साथ पांच बकरियों के मरने से गंगा के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ग्राम प्रधान प्रकाश, विक्रम सिंह, देव सिंह, सोबन सिंह, राजेंद्र सिंह, कमला देवी, बबीता देवी आदि ने पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने बताया कि सूचना के बाद क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. सुशोभित कुमार सिंह ने बकरियों का पोस्टमार्टम किया। संवाद
कोट
नेपाल से दूध आने की जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - सुंदर सिंह, एसडीएम, टनकपुर