{"_id":"5b3130264f1c1bfd6e8b9c81","slug":"smoke-picking-dm-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"धू-धूकर जल उठा डीएम कार्यालय","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धू-धूकर जल उठा डीएम कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
चंपावत डीएम के चैंबर से निकलता धुंआ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम कार्यालय में आग से लाखों का सामान और प्रचार सामग्री जल गई। आग से डीएम चैंबर और रिटायरिंग रूम में रखे दस्तावेज भी जल गए। जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल के अनुसार आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना माना जा रहा है। उन्होंने एडीएम को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय में सोमवार सुबह आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे जिलाधिकारी का चैंबर जल गया। रिटायरिंग रूम में भी आग से लाखों का सामान स्वाहा हो गया। आग के कारण डीएम कार्यालय में रखे दो कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे और नियंत्रण यूनिट के साथ ही कार्यालय में रखा प्रचार साहित्य जल गया। घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वान, आपदा प्रबंधन विभाग के जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग से डीएम कार्यालय में रखा लाखों का फर्नीचर, शीशे आदि को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि डीएम के चैंबर में कोई महत्वपूर्ण अभिलेख और फाइलें नहीं थीं।
डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना लगा रहा है। उन्होंने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। मौके पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल के अलावा एसपी धीरेंद्र गुंज्याल, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, सूचना विज्ञान अधिकारी मोहित साह, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एफएसओ चंदन राम, यूनिट प्रभारी नरेंद्र प्रसाद आदि थे।
विज्ञापन
चौकीदार ने दी आग लगने की सूचना
सोमवार को सुबह करीब 8.15 बजे जिला कार्यालय के चौकीदार राजेंद्र और कैंटीन चलाने वाले मुरलीधर को डीएम कार्यालय से धुआं निकलते देखा। इस पर उन्होंने आपदा प्रबंधन और स्वान केंद्र को इसकी सूचना दी। आपदा प्रबंधन और स्वान केंद्र की ओर से फायर ब्रिगेड को सूचित करने के साथ आग बुझाने की कार्रवाई की गई। समय से सूचना प्राप्त होने और बैठक कक्ष में कोई रिकार्ड न होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
अतिरिक्त कक्ष में बैठकर करेंगे कामकाज
डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने कहा कि आग से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन दो कंप्यूटर, फर्नीचर, मैट आदि जल गई हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय कक्ष के ठीक होने तक उससे लगे अतिरिक्त कक्ष में बैठकर पूर्व की भांति कार्यालय के कार्यों का संपादन करेंगे और कोई भी कार्य प्रभावित नहीं होगा।
मौके पर काम नहीं आए फायर हाइड्रेंट
कलक्ट्रेट भवन में आग से बचाव के लिए स्मोक फायर सर्विस और फायर हाइड्रेंट मौजूद हैं। लेकिन, आग लगने के दौरान कोई भी सिस्टम काम नहीं आया। कलक्ट्रेट की दीवारों में जगह-जगह लगाए गए फायर एक्सटिंगग्यूशर भी मौके पर काम नहीं आए। कई कर्मचारियों को इन्हें चलाना ही नहीं आया। इसके बावजूद कोशिश करने पर वह सिलिंडरों के लॉक को सही से नहीं खोल पाए।
आग में झुलसने से बचे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
चंपावत। कलक्ट्रेट में लगी आग को बुझाने के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आग में झुलसने से बाल-बाल बच गए। जब पांडेय आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे तब वह फिसलकर आग में जा गिरे। पीछे खड़े जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने उन्हें तत्काल खींच लिया।
ऐसे होता है शार्ट सर्किट
चंपावत। भवनों में शार्ट सर्किट से आग लगने की यह कोई नई या पहली घटना नहीं है। बिजली कारोबारी पुष्कर राय बताते हैं कि शार्ट सर्किट के लिए न्यूट्रल और फेस के कटे तार प्रमुख कारण होते हैं। इसके अलावा खराब उपकरण लाइन में लगाने पर तथा अत्यधिक भार बढ़ने पर शार्ट सर्किट होता है। इसका एकमात्र उपाय ये है कि शार्ट सर्किट से आग लगने की जानकारी मिलने पर बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी जानी चाहिए।
विज्ञापन
जिलाधिकारी कार्यालय में सोमवार सुबह आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे जिलाधिकारी का चैंबर जल गया। रिटायरिंग रूम में भी आग से लाखों का सामान स्वाहा हो गया। आग के कारण डीएम कार्यालय में रखे दो कंप्यूटर, सीसीटीवी कैमरे और नियंत्रण यूनिट के साथ ही कार्यालय में रखा प्रचार साहित्य जल गया। घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वान, आपदा प्रबंधन विभाग के जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आग से डीएम कार्यालय में रखा लाखों का फर्नीचर, शीशे आदि को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि डीएम के चैंबर में कोई महत्वपूर्ण अभिलेख और फाइलें नहीं थीं।
विज्ञापन
डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना लगा रहा है। उन्होंने एडीएम हेमंत कुमार वर्मा को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। मौके पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल के अलावा एसपी धीरेंद्र गुंज्याल, एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, सूचना विज्ञान अधिकारी मोहित साह, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, एफएसओ चंदन राम, यूनिट प्रभारी नरेंद्र प्रसाद आदि थे।
विज्ञापन
चौकीदार ने दी आग लगने की सूचना
सोमवार को सुबह करीब 8.15 बजे जिला कार्यालय के चौकीदार राजेंद्र और कैंटीन चलाने वाले मुरलीधर को डीएम कार्यालय से धुआं निकलते देखा। इस पर उन्होंने आपदा प्रबंधन और स्वान केंद्र को इसकी सूचना दी। आपदा प्रबंधन और स्वान केंद्र की ओर से फायर ब्रिगेड को सूचित करने के साथ आग बुझाने की कार्रवाई की गई। समय से सूचना प्राप्त होने और बैठक कक्ष में कोई रिकार्ड न होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
अतिरिक्त कक्ष में बैठकर करेंगे कामकाज
डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने कहा कि आग से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन दो कंप्यूटर, फर्नीचर, मैट आदि जल गई हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय कक्ष के ठीक होने तक उससे लगे अतिरिक्त कक्ष में बैठकर पूर्व की भांति कार्यालय के कार्यों का संपादन करेंगे और कोई भी कार्य प्रभावित नहीं होगा।
मौके पर काम नहीं आए फायर हाइड्रेंट
कलक्ट्रेट भवन में आग से बचाव के लिए स्मोक फायर सर्विस और फायर हाइड्रेंट मौजूद हैं। लेकिन, आग लगने के दौरान कोई भी सिस्टम काम नहीं आया। कलक्ट्रेट की दीवारों में जगह-जगह लगाए गए फायर एक्सटिंगग्यूशर भी मौके पर काम नहीं आए। कई कर्मचारियों को इन्हें चलाना ही नहीं आया। इसके बावजूद कोशिश करने पर वह सिलिंडरों के लॉक को सही से नहीं खोल पाए।
आग में झुलसने से बचे जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
चंपावत। कलक्ट्रेट में लगी आग को बुझाने के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय आग में झुलसने से बाल-बाल बच गए। जब पांडेय आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे तब वह फिसलकर आग में जा गिरे। पीछे खड़े जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत ने उन्हें तत्काल खींच लिया।
ऐसे होता है शार्ट सर्किट
चंपावत। भवनों में शार्ट सर्किट से आग लगने की यह कोई नई या पहली घटना नहीं है। बिजली कारोबारी पुष्कर राय बताते हैं कि शार्ट सर्किट के लिए न्यूट्रल और फेस के कटे तार प्रमुख कारण होते हैं। इसके अलावा खराब उपकरण लाइन में लगाने पर तथा अत्यधिक भार बढ़ने पर शार्ट सर्किट होता है। इसका एकमात्र उपाय ये है कि शार्ट सर्किट से आग लगने की जानकारी मिलने पर बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी जानी चाहिए।