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मलबा खाई में फेंकने पर 80 हजार रुपये का चालान ठोका
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:47 PM IST
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खाई में फेंका गया मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान मलबे को डंपिंग जोन के बजाय खाई में डालने पर निर्माण कर रही दो कंपनियों का चालान कर 80 हजार रुपये वसूले गए। विभाग ने अब तक इन दो कंपनियों का सात बार चालान कर 1.96 लाख रुपये वसूल किए हैं। बावजूद इसके संबंधित कंपनियां नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रही है। उधर वन विभाग ने भविष्य में भी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई करने की बात कही है।
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एनएच में इन दिनों बारहमासी सड़क का निर्माण चल रहा है। टनकपुर से चंपावत के बीच आरजीबी उप्र और शिवालय कंस्ट्रक्शन हरियाणा निर्माण कार्य कर रही हैं। जबकि एचसीआईडब्ल्यू आरजीवेल और गैनन डंकरले महाराष्ट्र कंपनी को चंपावत से पिथौरागढ़ के बीच सड़क निर्माण का जिम्मा दिया गया है। मंगलवार को को वन क्षेत्राधिकारी हेम गहतोड़ी ने शिवालय और गैनन डेंकरले कंपनियों का खाई में मलबा डालने पर चालान किया।
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उन्होंने बताया कि धौन और बनलेख में दो जगह मलबा खाई में डालने पर शिवालय कंपनी पर 30-30 हजार रुपये का चालान ठोका गया। संगदा के पास मलबा खाई में डालने पर गैनन डेंकरले कंपनी का 20 हजार रुपये का चालान किया गया। वन क्षेत्राधिकारी गहतोड़ी ने बताया कि शिवालय कंपनी का अब तक तीन बार चालान कर 96 हजार रुपये का चालान किया गया है, जबकि गैनन डेंकरली का चार बार चालान कर एक लाख रुपये वसूल किया गया
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