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निडिल डाकघर में गबन प्रकरण: डाक विभाग के निदेशक ने मुआयना किया

Thu, 28 Jun 2018 11:28 PM IST
Updated Thu, 28 Jun 2018 11:28 PM IST
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निडिल डाकघर में गबन प्रकरण: डाक विभाग के निदेशक ने मुआयना किया
लोहाघाट (चंपावत)। शाखा डाकघर निडिल में डाकपाल द्वारा किए गए सरकारी धन के गबन मामले में भारत सरकार के निदेशक डाक सेवाएं उत्तराखंड परिमंडल देहरादून के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने जांच की। टीम ने सात माह बाद भी आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में पिथौरागढ़ के डाक अधीक्षक को आईजी, डीआईजी को शिकायत करने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को मामले की जांच में निदेशक डाक सेवाएं उत्तराखंड परिमंडल वीके सिंह, डाक अधीक्षक जीसी भट्ट, डाकघर निरीक्षक बीएमएस ऐरी, सहायक निदेशक ललित जोशी ने गबन मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की।
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निरीक्षक ऐरी ने बताया कि 11 दिसंबर 2017 को शाखा डाकपाल निडिल भवान सिंह द्वारा डाकघर के सरकारी 3.50 लाख रुपये गबन का मामला उजागर हुआ था। डाकपाल को निलंबित करने के बाद 15 दिसंबर को आरोपी के खिलाफ पंचेश्वर कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। डाक अधीक्षक का कहना है कि इस मामले को लेकर उन्होंने एसपी से मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने का आग्रह भी किया था, मगर तब भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। निदेशक ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने में की जा रही टालमटोली पर नाराजगी जताई।
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जांच अधिकारी द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि आरोपी द्वारा गबन की रकम को डाकघर में जमा करा दिया गया था। इस कारण आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
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- धीरेंद्र गुंज्याल, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।
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