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नईम की मौत के सदमे से चाची ने भी तोड़ा दम
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:28 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
इस मौसम के पहले अंधड़ ने ही क्षेत्र में तबाही मचा डाली। पेड़ की चपेट में आए नईम की चिंता को प्रशासन समय रहते समझा जाता तो हादसा बच सकता था। करीब छह माह पहले ही नईम ने प्रशासन को पत्र लिखकर खतरे से अवगत कराया था और पेड़ कटवाने की गुहार लगाई थी। वहीं, नईम की मौत की खबर मिलते ही सदमे से उसकी चाची ने भी दम तोड़ दिया है। इधर, प्रशासन अब भी नगर में जगह-जगह खतरा बने पेड़ों के प्रति उदासीन बना है।
बृहस्पतिवार की दोपहर अंधड़ में शहर के नेहरू पार्क के पास विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया था। इस पेड़ के नीचे दबकर नईम की मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने बताया कि नईम ने करीब छह माह पहले एसडीएम को पत्र सौंप कर कभी भी पेड़ के गिरने से हादसे का अंदेशा जताया था, लेकिन नईम को क्या पता था कि जिस पेड़ को कटवाने के लिए वह प्रशासन को सजग कर रहा है वहीं पेड़ एक दिन उसकी मौत का कारण बनेगा। विशालकाय पेड़ का अधिकतर हिस्सा सूखा था। प्रशासन ने इस ओर कार्रवाई करने के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया। इतना ही नहीं नगर के सीमेंट रोड़, रेलवे स्टेशन मार्ग, विष्णुपुरी कॉलोनी आदि में पेड़ खतरनाक हालत में हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन इनके प्रति भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इस मौसम के पहले अंधड़ मेें ही मौसम ने खतरनाक तेवर दिखाए हैं।
इधर, नईम के परिवार में दूसरे दिन भी कोहराम मचा रहा। बताया गया कि नईम की मौत की खबर सुनते ही मुरादाबाद के अगवानपुर गांव के सहतियान मोहल्ला निवासी 60 वर्षीया चाची नफीमा खातून की भी सदमे से मौत हो गई है।
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शहर में कई पेड़ हैं खतरनाक, चिन्हीकरण शुरू
बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद पालिका प्रशासन में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को ईओ जयवीर सिंह राठी के निर्देश पर पालिका कर्मियों ने शहर क्षेत्र में खतरा बने पेड़ों का चिन्हीकरण कर सूची तैयार की। ईओ ने बताया कि शहर में सीमेंट रोड, नेहरू पार्क आदि स्थानों पर कई पेड़ों से हादसों का खतरा बना है, जिन्हें सुरक्षा के लिए कटवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि चिन्हीकरण की सूची वन विभाग को सौंपी जा रही है। वन विभाग से अनुमति मिलने पर पेड़ों का कटान शुरू कर दिया जाएगा।
इस मौसम के पहले अंधड़ ने ही क्षेत्र में तबाही मचा डाली। पेड़ की चपेट में आए नईम की चिंता को प्रशासन समय रहते समझा जाता तो हादसा बच सकता था। करीब छह माह पहले ही नईम ने प्रशासन को पत्र लिखकर खतरे से अवगत कराया था और पेड़ कटवाने की गुहार लगाई थी। वहीं, नईम की मौत की खबर मिलते ही सदमे से उसकी चाची ने भी दम तोड़ दिया है। इधर, प्रशासन अब भी नगर में जगह-जगह खतरा बने पेड़ों के प्रति उदासीन बना है।
बृहस्पतिवार की दोपहर अंधड़ में शहर के नेहरू पार्क के पास विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया था। इस पेड़ के नीचे दबकर नईम की मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने बताया कि नईम ने करीब छह माह पहले एसडीएम को पत्र सौंप कर कभी भी पेड़ के गिरने से हादसे का अंदेशा जताया था, लेकिन नईम को क्या पता था कि जिस पेड़ को कटवाने के लिए वह प्रशासन को सजग कर रहा है वहीं पेड़ एक दिन उसकी मौत का कारण बनेगा। विशालकाय पेड़ का अधिकतर हिस्सा सूखा था। प्रशासन ने इस ओर कार्रवाई करने के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया। इतना ही नहीं नगर के सीमेंट रोड़, रेलवे स्टेशन मार्ग, विष्णुपुरी कॉलोनी आदि में पेड़ खतरनाक हालत में हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन इनके प्रति भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इस मौसम के पहले अंधड़ मेें ही मौसम ने खतरनाक तेवर दिखाए हैं।
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इधर, नईम के परिवार में दूसरे दिन भी कोहराम मचा रहा। बताया गया कि नईम की मौत की खबर सुनते ही मुरादाबाद के अगवानपुर गांव के सहतियान मोहल्ला निवासी 60 वर्षीया चाची नफीमा खातून की भी सदमे से मौत हो गई है।
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शहर में कई पेड़ हैं खतरनाक, चिन्हीकरण शुरू
बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद पालिका प्रशासन में हड़कंप मचा है। शुक्रवार को ईओ जयवीर सिंह राठी के निर्देश पर पालिका कर्मियों ने शहर क्षेत्र में खतरा बने पेड़ों का चिन्हीकरण कर सूची तैयार की। ईओ ने बताया कि शहर में सीमेंट रोड, नेहरू पार्क आदि स्थानों पर कई पेड़ों से हादसों का खतरा बना है, जिन्हें सुरक्षा के लिए कटवाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि चिन्हीकरण की सूची वन विभाग को सौंपी जा रही है। वन विभाग से अनुमति मिलने पर पेड़ों का कटान शुरू कर दिया जाएगा।