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घर से भागे नेपाली किशोर पकड़े, परिजनों को सौंपे
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:22 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रीड्स संस्था ने घर से भागकर आए दो नेपाली किशोरों को बार्डर पर रोक लिया। संस्था कर्मियों ने परिजनों का पता लगाकर उन्हें संस्था कार्यालय बुलाया और दोनों किशोरों को उनके सुपुर्द कर दिया।
इमिग्रेशन चेकपोस्ट के पास स्थित रीड्स संस्था के चेकपोस्ट पर संस्था कर्मी मीरा रावत और राजेंद्र बैज शनिवार को भी निगरानी पर थे। दोपहर बाद दो नेपाली किशोर संदिग्धावस्था में नेपाल से भारत की ओर आते दिखे। रीड्स संस्था कर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की तो उन्होंने दिल्ली जाने के लिए घर से भागकर आने की बात कही। उनके पास चार-पांच सौ के करीब नेपाली करेंसी थी।
आशंका जताई जा रही है कि वह किसी के बहकावे में आकर घर से भागे थे। वह दोनों नेपाल के ग्राम वाणी वार्ड संख्या 2 शिविर, जिला कंचनपुर के रहने वाले हैं। एक की उम्र 12 वर्ष तो दूसरे की 13 वर्ष है। संस्था कर्मियों ने उक्त दोनों किशोरों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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इमिग्रेशन चेकपोस्ट के पास स्थित रीड्स संस्था के चेकपोस्ट पर संस्था कर्मी मीरा रावत और राजेंद्र बैज शनिवार को भी निगरानी पर थे। दोपहर बाद दो नेपाली किशोर संदिग्धावस्था में नेपाल से भारत की ओर आते दिखे। रीड्स संस्था कर्मियों ने उन्हें रोककर पूछताछ की तो उन्होंने दिल्ली जाने के लिए घर से भागकर आने की बात कही। उनके पास चार-पांच सौ के करीब नेपाली करेंसी थी।
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आशंका जताई जा रही है कि वह किसी के बहकावे में आकर घर से भागे थे। वह दोनों नेपाल के ग्राम वाणी वार्ड संख्या 2 शिविर, जिला कंचनपुर के रहने वाले हैं। एक की उम्र 12 वर्ष तो दूसरे की 13 वर्ष है। संस्था कर्मियों ने उक्त दोनों किशोरों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
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