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आठ को दिल्ली पहुंचेंगे मलयेशिया जेल से रिहा हुए अशोक भट्ट
Updated Tue, 05 Dec 2017 10:25 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। वीजा नियमों को तोड़ने के आरोप में लंबे समय तक तक मलयेशिया की जेल में बंद रहे लधिया घाटी क्षेत्र के निवासी अशोक भट्ट 8 दिसंबर को दिल्ली पहुंचेंगे।
जेल से रिहा करने की सोशल मीडिया में मुहिम चलाने वाले लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी ने बताया कि अशोक 7 दिसंबर को क्वलांलपुर (मलयेशिया) से तिरुची उतरेंगे। यहां से वे चेन्नई और फिर चेन्नई से 8 दिसंबर को सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली हवाई अड्डे में उनके भाई राकेश भट्ट, सुनील भट्ट मौजूद रहेंगे। उनकी भारत वापसी का पूरा खर्च भारत सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर को अशोक को मलयेशिया की जेल से रिहा कर दिया गया है।
बता दें कि लधिया घाटी के तलाड़ी गांव निवासी अशोक भट्ट पर्यटक वीजा में 8 जून को अपने पंजाब निवासी मित्र संदीप के यहां मलयेशिया में एक माह के लिए घूमने के लिए गए थे। 17 जून को जब वे बाजार में घूमने गए थे, तो पासपोर्ट और वीजा अपने मित्र के कमरे में भूल गए। चेकिंग के दौरान पासपोर्ट और वीजा न दिखाने पर अशोक को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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फोटो 05 सीपीटी 10पी (सिंगल)
बाक्स
ट्वीट से बनी बात
वीजा मामले में जेल में बंद अशोक भट्ट की रिहाई के पीछे सोशल मीडिया का भरपूर योगदान रहा। इसमें सबसे बड़ी भूमिका गुजरात में एक निजी कंपनी में एचआर में अधिकारी और लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी की रही। अशोक की गिरफ्तारी की भनक लगने के तुरंत बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय, मलयेशिया में भारतीय दूतावास, केंद्रीय कपड़ा मंत्री अजय टम्टा सहित कई जगह ट्वीट किया। उनके लगातार ट्वीट का ही नतीजा है कि अब अशोक की देश वापसी हो रही है।
फोटो 05 सीपीटी 11पी (सिंगल)
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जेल से रिहा करने की सोशल मीडिया में मुहिम चलाने वाले लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी ने बताया कि अशोक 7 दिसंबर को क्वलांलपुर (मलयेशिया) से तिरुची उतरेंगे। यहां से वे चेन्नई और फिर चेन्नई से 8 दिसंबर को सुबह दिल्ली पहुंचेंगे। दिल्ली हवाई अड्डे में उनके भाई राकेश भट्ट, सुनील भट्ट मौजूद रहेंगे। उनकी भारत वापसी का पूरा खर्च भारत सरकार उठाएगी। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर को अशोक को मलयेशिया की जेल से रिहा कर दिया गया है।
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बता दें कि लधिया घाटी के तलाड़ी गांव निवासी अशोक भट्ट पर्यटक वीजा में 8 जून को अपने पंजाब निवासी मित्र संदीप के यहां मलयेशिया में एक माह के लिए घूमने के लिए गए थे। 17 जून को जब वे बाजार में घूमने गए थे, तो पासपोर्ट और वीजा अपने मित्र के कमरे में भूल गए। चेकिंग के दौरान पासपोर्ट और वीजा न दिखाने पर अशोक को मलयेशिया पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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ट्वीट से बनी बात
वीजा मामले में जेल में बंद अशोक भट्ट की रिहाई के पीछे सोशल मीडिया का भरपूर योगदान रहा। इसमें सबसे बड़ी भूमिका गुजरात में एक निजी कंपनी में एचआर में अधिकारी और लधिया घाटी संगठन के नवीन भंडारी की रही। अशोक की गिरफ्तारी की भनक लगने के तुरंत बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय, मलयेशिया में भारतीय दूतावास, केंद्रीय कपड़ा मंत्री अजय टम्टा सहित कई जगह ट्वीट किया। उनके लगातार ट्वीट का ही नतीजा है कि अब अशोक की देश वापसी हो रही है।
फोटो 05 सीपीटी 11पी (सिंगल)