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पेशेवर चोर नही, परिजनों को विश्वास में लेने को चुराया था बैग
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:52 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। सीसी टीवी कैमरे की मदद से पकड़ में आए बैग चोरी करनेे वाले नाबालिगों ने परिजनों को विश्वास में लेने के लिए चोरी की घटना को अंजाम दिया था। वे परिजनों से क्रिकेट में चयन की झूठी बात कर घूमने निकले थे, और लौटते वक्त यहां एक दुकान से बैग चुरा लिया, ताकि परिजनों को ईनाम में बैग मिलने की बात कह कर विश्वास दिला सकें।
गत शुक्रवार को शहर के राजाराम चौराहे स्थित सूरजीत सिंह गांधी की दुकान से बैग चोरी हो गया था। दुकान में बैग न दिखाई देने पर सूरजीत ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने चौराहे में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल कर दो नाबालिगों को एक भोजनालय के पास चुराए गए बैग के साथ दबोच लिया था। आरोपी नाबालिगों से पूछताछ हुई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी नाबालिग पेशवर चोर नहीं थे, बल्कि वे अपने परिजनों से झूठ बोलकर घूमने निकले थे। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों नाबालिग चंपावत जिले के रहने वाले हैं। एक के पिता बाजार में छोले आदि बेचकर घर का गुजर-बसर कर रहे हैं तो एक के पिता रिटायर्ड सैनिक हैं।
कोतवाल ने नाबालिगों से पूछताछ का हवाला देते हुए बताया कि दोनों नाबालिगों ने घूमने के लिए झूठी कहानी का सहारा लिया।
उन्होंने परिजनों को बताया था कि उनका क्रिकेट में चयन हुआ है और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने रुद्रपुर जा रहे हैं। परिजनों से रुपये लेकर वे घूमने निकल पड़े और जब वापस लौटने लगे तो जेब में सीमित रुपये ही बचे थे। परिजनों को विश्वास में लेने के लिए उन्होंने दुकान से बैग चुराया ताकि वे उस बैग को पुरस्कार में मिलना दिखाकर वे परिजनों को संतुष्ट कर सकें कि वे वास्तव में क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर लौटे हैं। कोतवाल ने बताया कि परिजनों को बुलाकर दोनों आरोपी नाबालिगों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
गत शुक्रवार को शहर के राजाराम चौराहे स्थित सूरजीत सिंह गांधी की दुकान से बैग चोरी हो गया था। दुकान में बैग न दिखाई देने पर सूरजीत ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने चौराहे में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल कर दो नाबालिगों को एक भोजनालय के पास चुराए गए बैग के साथ दबोच लिया था। आरोपी नाबालिगों से पूछताछ हुई तो उन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी नाबालिग पेशवर चोर नहीं थे, बल्कि वे अपने परिजनों से झूठ बोलकर घूमने निकले थे। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों नाबालिग चंपावत जिले के रहने वाले हैं। एक के पिता बाजार में छोले आदि बेचकर घर का गुजर-बसर कर रहे हैं तो एक के पिता रिटायर्ड सैनिक हैं।
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कोतवाल ने नाबालिगों से पूछताछ का हवाला देते हुए बताया कि दोनों नाबालिगों ने घूमने के लिए झूठी कहानी का सहारा लिया।
उन्होंने परिजनों को बताया था कि उनका क्रिकेट में चयन हुआ है और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने रुद्रपुर जा रहे हैं। परिजनों से रुपये लेकर वे घूमने निकल पड़े और जब वापस लौटने लगे तो जेब में सीमित रुपये ही बचे थे। परिजनों को विश्वास में लेने के लिए उन्होंने दुकान से बैग चुराया ताकि वे उस बैग को पुरस्कार में मिलना दिखाकर वे परिजनों को संतुष्ट कर सकें कि वे वास्तव में क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर लौटे हैं। कोतवाल ने बताया कि परिजनों को बुलाकर दोनों आरोपी नाबालिगों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
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