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Champawat News: लंपी के लक्षण मिले, एक और दुधारू गाय की मौत
Sun, 14 May 2023 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 14 May 2023 11:24 PM IST
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चंपावत/लोहाघाट। लंपी वायरस की चपेट में आने से बीते 24 घंटे में एक दुधारू जानवर की मौत हो चुकी है। अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक अप्रैल से अब तक 40 से अधिक जानवर जिले के विभिन्न ग्रामीण हिस्सों में दम तोड़ चुके हैं। पशुपालन विभाग का टीकाकरण और बचाव कार्य जारी है। सीवीओ डॉ. पीएस भंडारी ने कहा कि दो दिनों में 391 मवेशियों को टीके लगाए जा चुके हैं। दुधारू पशुओं की मौत से जिले के दूध उत्पादन में तीन प्रतिशत की गिरावट आई है।
रविवार को बिशुंग के चौड़ा ढेक गांव के वीरेंद्र सिंह ढेक की दुधारू गाय की मौत हो गई। वीरेंद्र की आजीविका का मुख्य सहारा पशुपालन और दुग्ध उत्पादन है। छह माह पहले गाभिन हुई गाय की तबीयत 15 दिन से खराब थी। पशु डाक्टरों के प्रयास के बावजूद गाय को नहीं बचाया जा सका।
चंपावत जिले में नेपाल सीमा के गांवों के अलावा खेतीखान,रायनगर चौड़ी सहित 36 से गांवों में 40 से ज्यादा जानवर अप्रैल से अब तक मर चुके हैं। ग्रामीणों ने पशु स्वामियों को मुआवजा देने के साथ बचाव के पुख्ता उपाय करने की मांग की है। पशु चिकित्साधिकारी डीके चंद ने बताया कि पशुओं में फैली बीमारी की रोकथाम के लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर इलाज किया जा रहा है।
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रविवार को बिशुंग के चौड़ा ढेक गांव के वीरेंद्र सिंह ढेक की दुधारू गाय की मौत हो गई। वीरेंद्र की आजीविका का मुख्य सहारा पशुपालन और दुग्ध उत्पादन है। छह माह पहले गाभिन हुई गाय की तबीयत 15 दिन से खराब थी। पशु डाक्टरों के प्रयास के बावजूद गाय को नहीं बचाया जा सका।
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चंपावत जिले में नेपाल सीमा के गांवों के अलावा खेतीखान,रायनगर चौड़ी सहित 36 से गांवों में 40 से ज्यादा जानवर अप्रैल से अब तक मर चुके हैं। ग्रामीणों ने पशु स्वामियों को मुआवजा देने के साथ बचाव के पुख्ता उपाय करने की मांग की है। पशु चिकित्साधिकारी डीके चंद ने बताया कि पशुओं में फैली बीमारी की रोकथाम के लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर इलाज किया जा रहा है।
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