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शादी वाले घरों में बढ़ा असमंजस, बारातघर स्वामी भी परेशान
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शादी वाले घरों में बढ़ा असमंजस, बारातघर स्वामी भी परेशान
चंपावत। गौरव की 27 अप्रैल को शादी होनी है। परिवार के लोग ब्याह के लिए महीनों से तैयारी में जुटे थे। निमंत्रण की सूची भी लंबी-चौड़ी थी। बारातघर से लेकर बारात पर होने वाला खर्च भी खूब हो रहा था। लेकिन अब कोविड महामारी के बीच उन्हें अधिकतम 100 लोगों के साथ विवाह समारोह को करना होगा। ऐसी नौबत चंपावत जिले में 40 से अधिक दूसरे लोगों की भी है। कोरोना के बीच समारोह का आयोजन और अतिथियों की संख्या में कटौती हर किसी के लिए चुनौती बन रहा है। वहीं विवाह में कम होती संख्या बारातघर और होटल स्वामियों के लिए मुसीबत बन रही है। अभी तक सात विवाह समारोहों की बुकिंग निरस्त कर दी गई है। इससे बारातघर और होटलों पर भी मार पड़ी है। वहीं एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि बारात के लिए अनुमति के लिए आमंत्रण कार्ड, आधार कार्ड सहित उप जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा।
कोट
बेटे के ब्याह में 300 से ज्यादा लोगों को आमंत्रण दिया था, लेकिन कोविड के चलते अब इस संख्या को 100 से नीचे लाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
विवेक जोशी, चंपावत।
विवाह की तैयारियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कोविड नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। समारोह के अतिथियों की संख्या को कम कर दिया गया है।
महेश चौड़ाकोटी, चंपावत।
विवाह की दो महीने से तैयारी चल रही थी। लेकिन कोविड लहर ने असमंजस बढ़ाया है। अब मेहमानों की संख्या को सीमित करने में खूब मशक्कत करनी पड़ रही है।
नंदाबल्लभ पंत, टनकपुर।
कोविड की दूसरी लहर से बारात की दो बुकिंग निरस्त हो गई है। और जो भी बुकिंग बरकरार हैं, उनमें भी संख्या कम होने से आर्थिक चपत लग रही है।
नीलम गड़कोटी, कारोबारी, चंपावत।
सरकार खुद हीं नियम बनाकर तोड़ रही नियम, जनता पर कर रही सितम
पिथौरागढ़। कांग्रेस ने समस्त धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक आयोजनों और विवाह आदि में लोगों की संख्या 100 करने पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन माहरा ने कहा कि सरकार को कोरोना बीमारी को लेकर लापरवाह नहीं होना चाहिए था। सरकार के मंत्री चुनावी राज्यों में सभा कर रहे हैं। खुद ही मास्क नहीं पहने रहे हैं और न सामाजिक दूरी का पालन करते दिख रहे हैं। जब कोरोना का खतरा इतना गंभीर है तो बड़े आयोजनों या चुनाव को टाला जा सकता है। कोरोना के कारण परीक्षाएं रद्द और स्थगित हो रही हैं तो चुनाव क्यों नहीं। माहरा ने कहा जब भाजपा के मंत्री ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो आम जनता पर सख्ती क्यों की जा रही है। (संवाद)
बैंकों के बाहर नहीं दिखी सामाजिक दूरी
पिथौरागढ़। कोरोना संक्रमण के बीच बैंकों के बाहर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। बैंकों में काम के लिए आए ग्राहक सामाजिक दूरी को भूल गए। बैंक में हर कोई लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार करते नजर आया। ग्राहकों ने मास्क तो पहने थे, मगर सामाजिक दूरी कहीं नहीं दिखाई दी। हालांकि लोगों को बैंक के अंदर बारी-बारी से ही जाने दिया गया। इधर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में आने वाले लोगों की फिर से थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। सोमवार को महिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर मरीजों को देखने और उपचार के लिए आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग की गई। (संवाद )
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चंपावत। गौरव की 27 अप्रैल को शादी होनी है। परिवार के लोग ब्याह के लिए महीनों से तैयारी में जुटे थे। निमंत्रण की सूची भी लंबी-चौड़ी थी। बारातघर से लेकर बारात पर होने वाला खर्च भी खूब हो रहा था। लेकिन अब कोविड महामारी के बीच उन्हें अधिकतम 100 लोगों के साथ विवाह समारोह को करना होगा। ऐसी नौबत चंपावत जिले में 40 से अधिक दूसरे लोगों की भी है। कोरोना के बीच समारोह का आयोजन और अतिथियों की संख्या में कटौती हर किसी के लिए चुनौती बन रहा है। वहीं विवाह में कम होती संख्या बारातघर और होटल स्वामियों के लिए मुसीबत बन रही है। अभी तक सात विवाह समारोहों की बुकिंग निरस्त कर दी गई है। इससे बारातघर और होटलों पर भी मार पड़ी है। वहीं एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि बारात के लिए अनुमति के लिए आमंत्रण कार्ड, आधार कार्ड सहित उप जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन करना होगा।
कोट
बेटे के ब्याह में 300 से ज्यादा लोगों को आमंत्रण दिया था, लेकिन कोविड के चलते अब इस संख्या को 100 से नीचे लाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
विवेक जोशी, चंपावत।
विवाह की तैयारियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कोविड नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। समारोह के अतिथियों की संख्या को कम कर दिया गया है।
महेश चौड़ाकोटी, चंपावत।
विवाह की दो महीने से तैयारी चल रही थी। लेकिन कोविड लहर ने असमंजस बढ़ाया है। अब मेहमानों की संख्या को सीमित करने में खूब मशक्कत करनी पड़ रही है।
नंदाबल्लभ पंत, टनकपुर।
कोविड की दूसरी लहर से बारात की दो बुकिंग निरस्त हो गई है। और जो भी बुकिंग बरकरार हैं, उनमें भी संख्या कम होने से आर्थिक चपत लग रही है।
नीलम गड़कोटी, कारोबारी, चंपावत।
सरकार खुद हीं नियम बनाकर तोड़ रही नियम, जनता पर कर रही सितम
पिथौरागढ़। कांग्रेस ने समस्त धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक आयोजनों और विवाह आदि में लोगों की संख्या 100 करने पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन माहरा ने कहा कि सरकार को कोरोना बीमारी को लेकर लापरवाह नहीं होना चाहिए था। सरकार के मंत्री चुनावी राज्यों में सभा कर रहे हैं। खुद ही मास्क नहीं पहने रहे हैं और न सामाजिक दूरी का पालन करते दिख रहे हैं। जब कोरोना का खतरा इतना गंभीर है तो बड़े आयोजनों या चुनाव को टाला जा सकता है। कोरोना के कारण परीक्षाएं रद्द और स्थगित हो रही हैं तो चुनाव क्यों नहीं। माहरा ने कहा जब भाजपा के मंत्री ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो आम जनता पर सख्ती क्यों की जा रही है। (संवाद)
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बैंकों के बाहर नहीं दिखी सामाजिक दूरी
पिथौरागढ़। कोरोना संक्रमण के बीच बैंकों के बाहर सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। बैंकों में काम के लिए आए ग्राहक सामाजिक दूरी को भूल गए। बैंक में हर कोई लाइन में लगकर अपने नंबर का इंतजार करते नजर आया। ग्राहकों ने मास्क तो पहने थे, मगर सामाजिक दूरी कहीं नहीं दिखाई दी। हालांकि लोगों को बैंक के अंदर बारी-बारी से ही जाने दिया गया। इधर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में आने वाले लोगों की फिर से थर्मल स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। सोमवार को महिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर मरीजों को देखने और उपचार के लिए आने वाले लोगों की थर्मल स्कैनिंग की गई। (संवाद )
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