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Champawat News: मेधावी और गरीब छात्रों के लिए निशुल्क आवासीय कोचिंग शुरू
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चंपावत के राजीव नवोदय विद्यालय में फ्री आवासीय कोचिंग में प्रतिभाग करते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के मेधावी एवं गरीब छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क आवासीय कोचिंग सुविधा शुरू की गई है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के निर्देश पर ऐसे मेधावी एवं गरीब छात्र-छात्राएं जो इंजीनियरिंग और मेडिकल में जाना चाहते हैं उनके लिए राजीव नवोदय विद्यालय लोहाघाट में आवासीय कोचिंग की मुफ्त सुविधा शुरू हो गई है। यहां उन्हें आवास, भोजन, पुस्तकें आदि सभी सुविधाएं उपलब्ध की गई हैं।
कोचिंग के संचालन की जिम्मेदारी डायट के प्राचार्य एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना को सौंपी गई है। डायट की ओर से ही पूरा अकादमिक का कार्य किया जाएगा। मुख्य शिक्षाधिकारी ने बताया कि डायट की ओर से निशुल्क कोचिंग के लिए पूर्व में लिखित परीक्षा की गई थी। कोचिंग के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त आधा दर्जन विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है इसके अलावा डायट के प्रवक्ता भी सहयोग करेंगे। बताया कि कोचिंग के माध्यम से उन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी लाभ मिलेगा जहां भौतिक, रसायन, गणित एवं जीव विज्ञान संकाय के प्रवक्ता न होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कोचिंग के लिए सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध की जा चुकी है।
शत-प्रतिशत छात्रों को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने का लक्ष्य
चंपावत। मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना का कहना है कि कोचिंग ले रहे शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके लिए सभी प्रकार की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 60 छात्र-छात्राएं कोचिंग ले रहे हैं जबकि 100 छात्रों को कोचिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
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कोचिंग के संचालन की जिम्मेदारी डायट के प्राचार्य एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना को सौंपी गई है। डायट की ओर से ही पूरा अकादमिक का कार्य किया जाएगा। मुख्य शिक्षाधिकारी ने बताया कि डायट की ओर से निशुल्क कोचिंग के लिए पूर्व में लिखित परीक्षा की गई थी। कोचिंग के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त आधा दर्जन विषय विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है इसके अलावा डायट के प्रवक्ता भी सहयोग करेंगे। बताया कि कोचिंग के माध्यम से उन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी लाभ मिलेगा जहां भौतिक, रसायन, गणित एवं जीव विज्ञान संकाय के प्रवक्ता न होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कोचिंग के लिए सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध की जा चुकी है।
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शत-प्रतिशत छात्रों को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने का लक्ष्य
चंपावत। मुख्य शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना का कहना है कि कोचिंग ले रहे शत-प्रतिशत छात्र-छात्राओं को इंजीनियर एवं डॉक्टर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके लिए सभी प्रकार की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 60 छात्र-छात्राएं कोचिंग ले रहे हैं जबकि 100 छात्रों को कोचिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
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