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जलवायु परिवर्तन से घट रहा सेब उत्पादन
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:20 PM IST
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बाल वैज्ञानिक
- फोटो : अमर उजाला
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जीआईसी के बाल वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत फोर्ती गांव में सेब उत्पादन का सर्वे किया। मार्गदर्शक शिक्षक नवीन चंद्र पांडेय के दिशा निर्देशन में फोर्ती ग्राम पंचायत में हुए सर्वे में जलवायु परिवर्तन के कारण सेब का उत्पादन घटना सामने आया।
सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि जलवायु परिवर्तन, जंगली जानवरों के आतंक और उन्नत प्रजाति के पौध न मिलने से पैदावार में गिरावट हो रही है।
बीडीसी सदस्य शंकर बगौली, मोहन पुनेठा, महेश पुनेठा ने बताया कि पहले यहां व्यापक मात्रा में सेव का उत्पादन होता था। जिसमें एक ही बगीचे में कई क्विंटल सेब लदे रहते थे। लेकिन वर्तमान में कुछ ही पेड़ों में बहुत कम मात्रा में सेब का उत्पादन होता है। टीम लीडर लेखपाल आर्या के नेतृत्व में बाल वैज्ञानिकों के दूसरे दल ने नगर क्षेत्र में स्वच्छता कार्य का सर्वेक्षण किया। बताया कि नगर क्षेत्र में जैविक और अजैविक कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने लोगों को जैविक और अजैविक कूड़े का अलग अलग निस्तारण करने के लिए जागरूक किया।
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सर्वे में यह तथ्य सामने आया कि जलवायु परिवर्तन, जंगली जानवरों के आतंक और उन्नत प्रजाति के पौध न मिलने से पैदावार में गिरावट हो रही है।
बीडीसी सदस्य शंकर बगौली, मोहन पुनेठा, महेश पुनेठा ने बताया कि पहले यहां व्यापक मात्रा में सेव का उत्पादन होता था। जिसमें एक ही बगीचे में कई क्विंटल सेब लदे रहते थे। लेकिन वर्तमान में कुछ ही पेड़ों में बहुत कम मात्रा में सेब का उत्पादन होता है। टीम लीडर लेखपाल आर्या के नेतृत्व में बाल वैज्ञानिकों के दूसरे दल ने नगर क्षेत्र में स्वच्छता कार्य का सर्वेक्षण किया। बताया कि नगर क्षेत्र में जैविक और अजैविक कूड़े के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने लोगों को जैविक और अजैविक कूड़े का अलग अलग निस्तारण करने के लिए जागरूक किया।
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