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Champawat News: दावे हवाओं में, मरीजों को डोली का सहारा
Tue, 29 Apr 2025 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 29 Apr 2025 11:09 PM IST
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पाटी ब्लाक के ग्राम पंचायत परेवा के सल्लाकान तोक से बीमार महिला को डोली में लाते ग्रामीण।स्रोत
- फोटो : Samvad
रीठा साहिब (चंपावत)। स्वास्थ्य, सड़क और शिक्षा के विकास के लिए सरकार और उसके मंत्री अलग-अलग मंचों से दावे करते नहीं थकते लेकिन धरातल पर विकास नहीं दिख रहा है। इसकी बानगी मंगलवार को देखने को मिली। जिले के पाटी ब्लाॅक के ग्राम पंचायत परेवा के तोक सल्लाकान में एक बीमार महिला को ग्रामीणों ने तीन किमी डोली के सहारे अस्पताल पंहुचाया। सड़क विहीन गांव से महिला को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को करीब दो घंटे लगे।
सोमवार देर शाम तोक सल्लाकान की बचली देवी (55) लंबे की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह पिछले कुछ समय से बुखार, सिर और पेट दर्द समस्या से जूझ रही थीं। मंगलवार को ग्रामीणों ने कुर्सी की डोली बनाई और महिला को सुबह लेकर तीन किमी की पैदल चले। इसके बाद यहां से वाहन से डेढ़ किमी का सफर तय कर रीठासाहिब स्वास्थ्य केंद्र लाए। ग्रामीण बलवंत सिंह, गणेश नाथ, अमर सिंह, हीरा सिंह, तिलोक नाथ, हयात सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सड़क नहीं होने के कारण आय दिन लोगों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। गर्भवतियाें, बुजुर्गों और स्कूली बच्चाें को सड़क नहीं होने पर डोली से ही लाना पड़ता है।
गांव में रहते हैं 50 परिवार
तोक सल्लाकान तक सड़क मार्ग बदहाल है। पैदल चलना भी ग्रामीणों के लिए आसान नहीं होता है। क्षेत्र के लोग कई बार प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं। गांव में पहले 50 परिवार रहते थे। कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
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सोमवार देर शाम तोक सल्लाकान की बचली देवी (55) लंबे की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह पिछले कुछ समय से बुखार, सिर और पेट दर्द समस्या से जूझ रही थीं। मंगलवार को ग्रामीणों ने कुर्सी की डोली बनाई और महिला को सुबह लेकर तीन किमी की पैदल चले। इसके बाद यहां से वाहन से डेढ़ किमी का सफर तय कर रीठासाहिब स्वास्थ्य केंद्र लाए। ग्रामीण बलवंत सिंह, गणेश नाथ, अमर सिंह, हीरा सिंह, तिलोक नाथ, हयात सिंह ने बताया कि क्षेत्र में सड़क नहीं होने के कारण आय दिन लोगों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। गर्भवतियाें, बुजुर्गों और स्कूली बच्चाें को सड़क नहीं होने पर डोली से ही लाना पड़ता है।
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गांव में रहते हैं 50 परिवार
तोक सल्लाकान तक सड़क मार्ग बदहाल है। पैदल चलना भी ग्रामीणों के लिए आसान नहीं होता है। क्षेत्र के लोग कई बार प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं। गांव में पहले 50 परिवार रहते थे। कई परिवार पलायन कर चुके हैं।
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