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Champawat News: मौसम अनुकूल रहने पर दो दिन में पूर्णागिरि मार्ग खोलने का दावा
Wed, 19 Jul 2023 10:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 19 Jul 2023 10:31 PM IST
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बनबसा के हेलागोठ में हुड्दी नदी से हो रहा भूकटाव। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। 16 दिन से बंद मां पूर्णागिरि धाम मार्ग खोलना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। मौसम अनुकूल नहीं रहने से मार्ग खोलने में बाधा आ रही है। बुधवार को डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कार्यदायी विभाग लोनिवि के अधिकारियों के साथ बाटनागाड़ का स्थलीय निरीक्षण किया। कार्यदायी विभाग ने मौसम अनुकूल रहने पर दो दिन के अंदर मार्ग खोलने का दावा किया है।
बिसौरिया नाले के कटाव से वर्षों से दरक रही पर्यटन स्थल श्यामलाताल की पहाड़ी का मलबा बरसात में हर साल नाले में बहकर मां पूर्णागिरि धाम मार्ग को बाधित करता रहा है। इसके चलते पूर्णागिरि धाम और आसपास के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाता है। हालात ये हो गए हैं कि इन गांवों में दैनिक जरूरत की चीजों का संकट गहरा गया है।
अब तक करीब 15 लाख रुपये का बजट मार्ग खोलने में खर्च किया जा चुका है लेकिन मार्ग नहीं खुल पाया है। बुधवार को डीएम ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी विभाग के अधिकारियों को जल्द मार्ग खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि रोशनी की व्यवस्था कर रात में भी कार्य जारी रखने को कहा। कार्यदायी विभाग लोनिवि के ईई बीसी पंत ने बताया कि बाटनागाड़ में 12 मीटर चौड़ी सड़क के 375 मीटर हिस्से में करीब आठ मीटर ऊंचा मलबा डंप है जिसे हटाने का काम लगातार जारी है।
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निरीक्षण के दैरान एसपी देवेंद्र पींचा, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग बाबू लाल, एसडीएम सुंदर सिंह, तहसीलदार पिंकी आर्या, लोनिवि के ईई बीसी पंत, एई सिंचाई आरके यादव, सीओ अविनाश वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, भू-वैज्ञानिक हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
इनसेट
स्थाई समाधान के लिए बनेगा स्पान पुल
डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि बाटनागाड़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिए वहां 610 ब्टर लंबे स्पान पुल का निर्माण होना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्व बैंक की मदद से इसके लिए प्रथम चरण में 90 लाख रुपये का शासन को भेजा गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बाटनागाड़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिए बिसौरिया नाले से दरक रही श्यामलाताल की पहाड़ियों का भी भू-गर्भीय सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
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10 दिन में शुरू हो सकती है चल्थी पुल से आवाजाही
डीएम ने टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का मुआयना किया
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन चल्थी पुल मौसम अनुकूल रहने की दशा में 10 दिन के भीतर शेष कार्य पूरा होने के बाद यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने ये दावा किया है। एनएच के बाद चल्थी के 140 मीटर लंबे निर्माणाधीन पुल के मुआयने के लिए पहुंचे डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने पुल को जल्द से जल्द आवाजाही के लिए सुचारू करने के निर्देश दिए। डीएम ने मलबे से बंद कलवर्ट और नालियों को तत्काल खोलने के उपाय करने को कहा। निरीक्षण के दौरान लोनिवि के ईई बीसी पंत, डीडीएमओ मनोज पांडे आदि मौजूद थे। संवाद
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शारदा का जलस्तर कम होते ही हटा रेड अलर्ट
देर रात 12 बजे बाद एक लाख क्यूसेक से कम हुआ पानी, वाहनों का संचालन शुरू
बनबसा (चंपावत)। मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने से बनबसा स्थित शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी कर ते हुए बैराज पर वाहनों का संचालन रोक दिया गया था। मंगलवार और बुधवार की देर रात 12 बजे नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होकर 97,416 क्यूसेक रह गया जिसके बाद यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेड वर्क्स ने रेड अलर्ट हटाते हुए बैराज पर से वाहनों का संचालन शुरू कराया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत वर्मा ने बताया कि करीब 95 वर्ष पुराने बैराज की सुरक्षा को लेकर नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक होते ही बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया जाता है।
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एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली उत्पादन शुरू
बनबसा (चंपावत)। मंगलवार की रात को शारदा नदी में साफ पानी प्रवाहित होते ही एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर में पानी छोड़ दिया गया जिससे टनकपुर पावर स्टेशन और खटीमा स्थित जलविद्युत निगम लोहियाहेड के विद्युत गृह में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि मंगलवार को उफान पर आई शारदा में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर की जलापूर्ति बंद करनी पड़ी थी। अब दोनों जगहों पर बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। संवाद
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गांव की सुरक्षा में किरोड़ा बन रहा रोड़ा, सुरक्षा की मांग
टनकपुर (चंपावत)। थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने किरोड़ा नाले के कटाव से गांव में बढ़ रहे खतरे की रोकथाम की मांग उठाई है। उन्होंने बुधवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुंदर सिंह को सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि किरोड़ा नाले से लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों की कृषि भूमि में कटाव हो रहा है। साथ ही गांव की आबादी के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए किरोड़ा नाले में गांव की छोर पर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने की मांग की है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उनकी मांग को जिलाधिकारी के समक्ष प्रभावी ढंग से रखकर जल्द सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान दीपा बोहरा, हरीश चंद्र, टीकेंद्र अवस्थी, लक्ष्मी जोशी, कृष्ण सिंह महर, उप प्रधान लक्ष्मी थ्वाल, जगदीश थ्वाल, कैलाश चंद्र आदि शामिल रहे। संवाद
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उफनाई हुड्डी नदी से हेलागोठ को खतरा
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डी नदी उफान पर बह रही है। इससे हेलागोठ का तट पर भू-कटाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं बनबसा के चंदनी, आनंदपुर और बमनपुरी के ग्रामीण भी हुड्डी के उफान पर बहने से चिंतित हैं। बमनपुरी की प्रधान भावना नेगी ने बताया कि डांडा कठौल, कलौनिया और छीनी नाले (गुलियापानी) से बहकर आने वाला बरसाती पानी हुड्डी में समाता है। तीन-चार वर्षों से यह नदी बमनपुरी और हेलागोठ के लिए खतरा बन रही है। बुधवार को हेलागोठ के ग्रामीणों ने भू-कटाव से निजात दिलाने की मांग के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन टनकपुर सीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में देव राम, श्याम सिंह कुंवर, मोहन सिंह, केदार सिंह, भीम सिंह, हरीश सिंह तड़ागी, शाकिर हुसैन, सुनीता आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद
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बिसौरिया नाले के कटाव से वर्षों से दरक रही पर्यटन स्थल श्यामलाताल की पहाड़ी का मलबा बरसात में हर साल नाले में बहकर मां पूर्णागिरि धाम मार्ग को बाधित करता रहा है। इसके चलते पूर्णागिरि धाम और आसपास के गांवों का टनकपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाता है। हालात ये हो गए हैं कि इन गांवों में दैनिक जरूरत की चीजों का संकट गहरा गया है।
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अब तक करीब 15 लाख रुपये का बजट मार्ग खोलने में खर्च किया जा चुका है लेकिन मार्ग नहीं खुल पाया है। बुधवार को डीएम ने स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी विभाग के अधिकारियों को जल्द मार्ग खोलने को कहा। उन्होंने कहा कि रोशनी की व्यवस्था कर रात में भी कार्य जारी रखने को कहा। कार्यदायी विभाग लोनिवि के ईई बीसी पंत ने बताया कि बाटनागाड़ में 12 मीटर चौड़ी सड़क के 375 मीटर हिस्से में करीब आठ मीटर ऊंचा मलबा डंप है जिसे हटाने का काम लगातार जारी है।
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निरीक्षण के दैरान एसपी देवेंद्र पींचा, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग बाबू लाल, एसडीएम सुंदर सिंह, तहसीलदार पिंकी आर्या, लोनिवि के ईई बीसी पंत, एई सिंचाई आरके यादव, सीओ अविनाश वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, भू-वैज्ञानिक हरीश बिष्ट आदि मौजूद रहे।
इनसेट
स्थाई समाधान के लिए बनेगा स्पान पुल
डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि बाटनागाड़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिए वहां 610 ब्टर लंबे स्पान पुल का निर्माण होना है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्व बैंक की मदद से इसके लिए प्रथम चरण में 90 लाख रुपये का शासन को भेजा गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बाटनागाड़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिए बिसौरिया नाले से दरक रही श्यामलाताल की पहाड़ियों का भी भू-गर्भीय सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
10 दिन में शुरू हो सकती है चल्थी पुल से आवाजाही
डीएम ने टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग का मुआयना किया
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन चल्थी पुल मौसम अनुकूल रहने की दशा में 10 दिन के भीतर शेष कार्य पूरा होने के बाद यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। एनएच खंड के ईई सुनील कुमार ने ये दावा किया है। एनएच के बाद चल्थी के 140 मीटर लंबे निर्माणाधीन पुल के मुआयने के लिए पहुंचे डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने पुल को जल्द से जल्द आवाजाही के लिए सुचारू करने के निर्देश दिए। डीएम ने मलबे से बंद कलवर्ट और नालियों को तत्काल खोलने के उपाय करने को कहा। निरीक्षण के दौरान लोनिवि के ईई बीसी पंत, डीडीएमओ मनोज पांडे आदि मौजूद थे। संवाद
शारदा का जलस्तर कम होते ही हटा रेड अलर्ट
देर रात 12 बजे बाद एक लाख क्यूसेक से कम हुआ पानी, वाहनों का संचालन शुरू
बनबसा (चंपावत)। मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने से बनबसा स्थित शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी कर ते हुए बैराज पर वाहनों का संचालन रोक दिया गया था। मंगलवार और बुधवार की देर रात 12 बजे नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से कम होकर 97,416 क्यूसेक रह गया जिसके बाद यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेड वर्क्स ने रेड अलर्ट हटाते हुए बैराज पर से वाहनों का संचालन शुरू कराया। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत वर्मा ने बताया कि करीब 95 वर्ष पुराने बैराज की सुरक्षा को लेकर नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक होते ही बैराज पर से वाहनों का संचालन रोक दिया जाता है।
एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस में बिजली उत्पादन शुरू
बनबसा (चंपावत)। मंगलवार की रात को शारदा नदी में साफ पानी प्रवाहित होते ही एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर में पानी छोड़ दिया गया जिससे टनकपुर पावर स्टेशन और खटीमा स्थित जलविद्युत निगम लोहियाहेड के विद्युत गृह में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि मंगलवार को उफान पर आई शारदा में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी की पावर चैनल और शारदा नहर की जलापूर्ति बंद करनी पड़ी थी। अब दोनों जगहों पर बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। संवाद
गांव की सुरक्षा में किरोड़ा बन रहा रोड़ा, सुरक्षा की मांग
टनकपुर (चंपावत)। थ्वालखेड़ा के ग्रामीणों ने किरोड़ा नाले के कटाव से गांव में बढ़ रहे खतरे की रोकथाम की मांग उठाई है। उन्होंने बुधवार को डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुंदर सिंह को सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि किरोड़ा नाले से लगातार हो रहे कटाव के कारण ग्रामीणों की कृषि भूमि में कटाव हो रहा है। साथ ही गांव की आबादी के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए किरोड़ा नाले में गांव की छोर पर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने की मांग की है। एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उनकी मांग को जिलाधिकारी के समक्ष प्रभावी ढंग से रखकर जल्द सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान दीपा बोहरा, हरीश चंद्र, टीकेंद्र अवस्थी, लक्ष्मी जोशी, कृष्ण सिंह महर, उप प्रधान लक्ष्मी थ्वाल, जगदीश थ्वाल, कैलाश चंद्र आदि शामिल रहे। संवाद
उफनाई हुड्डी नदी से हेलागोठ को खतरा
बनबसा (चंपावत)। बनबसा के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डी नदी उफान पर बह रही है। इससे हेलागोठ का तट पर भू-कटाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं बनबसा के चंदनी, आनंदपुर और बमनपुरी के ग्रामीण भी हुड्डी के उफान पर बहने से चिंतित हैं। बमनपुरी की प्रधान भावना नेगी ने बताया कि डांडा कठौल, कलौनिया और छीनी नाले (गुलियापानी) से बहकर आने वाला बरसाती पानी हुड्डी में समाता है। तीन-चार वर्षों से यह नदी बमनपुरी और हेलागोठ के लिए खतरा बन रही है। बुधवार को हेलागोठ के ग्रामीणों ने भू-कटाव से निजात दिलाने की मांग के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन टनकपुर सीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में देव राम, श्याम सिंह कुंवर, मोहन सिंह, केदार सिंह, भीम सिंह, हरीश सिंह तड़ागी, शाकिर हुसैन, सुनीता आदि के हस्ताक्षर हैं। संवाद