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झुंड से बिछुड़े हाथी ने छीनीगोठ में फिर मचाया उत्पात
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टनकपुर के छीनीगोठ गांव में हाथी द्वारा क्षतिग्रस्त की गई शौचालय की छत दिखाता युवक।
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। झुंड से बिछुड़े हाथी ने बृहस्पतिवार रात जंगल से लगे छीनीगोठ गांव में फिर उत्पात मचाया है। देर रात आए हाथी ने एक व्यक्ति के शौचालय की छत को क्षतिग्रस्त कर सात बीघा धान की फसल रौंदकर नष्ट कर दी। हाथियों द्वारा अब तक किए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलने से इस बार ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना तक नहीं दी है।
बृहस्पतिवार रात एक हाथी झुंड से बिछुड़ कर जंगल से छीनीगोठ गांव में घुस आया। हाथी ने किशन तिवारी के शौचालय की छत को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही किशन तिवारी और विकास तिवारी की करीब सात बीघा भूमि में पककर तैयार धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया है। समाजसेवी श्याम सिंह बिष्ट ने बताया कि हाथियों द्वारा कई गांव में ग्रामीणों की फसल और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा चुका है, लेकिन वन विभाग ने न तो सुरक्षात्मक कदम उठाए और न ही प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा दिया है।
इसके चलते इस बार वन विभाग को हाथी के नुकसान करने की सूचना तक नहीं दी गई। इधर हाथियों के उत्पात से प्रभावित ग्रामीण दीपक जुकरिया, लक्ष्मण राम, प्रभा जोशी, प्रकाश जोशी, नवीन चंद्र जोशी, लक्ष्मण सिंह, किशोर सिंह, सुरेश सिंह, कल्याण राम, अनिल कुमार आदि ने वन विभाग और प्रशासन से शीघ्र गांव में हाथियों की दस्तक रोकने को कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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बृहस्पतिवार रात एक हाथी झुंड से बिछुड़ कर जंगल से छीनीगोठ गांव में घुस आया। हाथी ने किशन तिवारी के शौचालय की छत को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही किशन तिवारी और विकास तिवारी की करीब सात बीघा भूमि में पककर तैयार धान की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया है। समाजसेवी श्याम सिंह बिष्ट ने बताया कि हाथियों द्वारा कई गांव में ग्रामीणों की फसल और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा चुका है, लेकिन वन विभाग ने न तो सुरक्षात्मक कदम उठाए और न ही प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा दिया है।
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इसके चलते इस बार वन विभाग को हाथी के नुकसान करने की सूचना तक नहीं दी गई। इधर हाथियों के उत्पात से प्रभावित ग्रामीण दीपक जुकरिया, लक्ष्मण राम, प्रभा जोशी, प्रकाश जोशी, नवीन चंद्र जोशी, लक्ष्मण सिंह, किशोर सिंह, सुरेश सिंह, कल्याण राम, अनिल कुमार आदि ने वन विभाग और प्रशासन से शीघ्र गांव में हाथियों की दस्तक रोकने को कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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