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बाल मिठाई व्यवसायियों पर भी टूटा कोरोना का कहर
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चंपावत में एडीएम को ज्ञापन सौंपते प्रांतीय व्यापार मंडल प्रतिनिधि।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत जिला मुख्यालय की बाल मिठाई ने देश विदेश में अपनी खासी पहचान बनाई है। जिला मुख्यालय में बाल मिठाई तैयार करने की पांच दर्जन से अधिक दुकानें हैं।
जिनमें प्रतिदिन सात से दस लाख रुपये का कारोबार होता है। लेकिन बीते एक माह से लागू लॉकडाउन के कारण मिठाई कारोबारियों को करारी चपत लगी है। दुकानों में बड़ी मात्रा में तैयार माल जहां खराब हो गया है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं होटल एसोसिएशन के सदस्य प्रकाश तिवारी के अनुसार एक माह से अधिक समय से लागू लॉकडाउन के कारण अकेले चंपावत जिला मुख्यालय में मिठाई कारोबार और होटलों से जुड़े दो सौ से अधिक कारीगर और वेटर बेरोजगार हो गए हैं।
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होटल, चाट पकोड़ी के ठेले आदि बंद होने से सैकड़ों लोगों की रोजीरोटी प्रभावित हुई है। होटल बंद होने से बाजार में खुले दूध की खपत काफी कम हो गई है। जिसका खामियाजा स्थानीय पशुपालकों को उठाना पड़ रहा है। संवाद
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जिनमें प्रतिदिन सात से दस लाख रुपये का कारोबार होता है। लेकिन बीते एक माह से लागू लॉकडाउन के कारण मिठाई कारोबारियों को करारी चपत लगी है। दुकानों में बड़ी मात्रा में तैयार माल जहां खराब हो गया है।
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पूर्व पालिकाध्यक्ष एवं होटल एसोसिएशन के सदस्य प्रकाश तिवारी के अनुसार एक माह से अधिक समय से लागू लॉकडाउन के कारण अकेले चंपावत जिला मुख्यालय में मिठाई कारोबार और होटलों से जुड़े दो सौ से अधिक कारीगर और वेटर बेरोजगार हो गए हैं।
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होटल, चाट पकोड़ी के ठेले आदि बंद होने से सैकड़ों लोगों की रोजीरोटी प्रभावित हुई है। होटल बंद होने से बाजार में खुले दूध की खपत काफी कम हो गई है। जिसका खामियाजा स्थानीय पशुपालकों को उठाना पड़ रहा है। संवाद