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Champawat News: जिला अस्पताल में बच्चों को नहीं मिला इलाज
Sat, 17 Feb 2024 11:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 17 Feb 2024 11:14 PM IST
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चंपावत। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बीमार बच्चों का इलाज नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से पद रिक्त होने से चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, देवीधुरा के लोगों के लिए इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोग बच्चों का इलाज निजी क्लीनिक पर कराने को मजबूर हैं।
शनिवार को करीब 20 बच्चे इलाज के लिए आए थे। जिला अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर भट्ट को बच्चों के इलाज का जिम्मा सौंपा है लेकिन वह भी नियमित रूप से अस्पताल में अपनी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। एसीएमओ को कई बार विभागीय, देहरादून में होने वाली बैठकों और अन्य कार्य के लिए जाना पड़ता है। बच्चों के इलाज का फिजिशियन के जिम्मे है। वर्तमान में भी अस्पताल में फिजिशियन डॉ. अजय कुमार बच्चों का इलाज कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के सामने इस मामले को रखा गया है। शासन स्तर से कार्यवाही होने पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।
कोट
मुख्यमंत्री की विधानसभा के जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ पद लंबे समय से रिक्त है। इसे भरा जाना चाहिए। गंभीर बच्चों के उपचार में दिक्कतें आती हैं। बच्चों के स्वास्थ्य का मामला गंभीर है। - रेखा देवी, लोहाघाट।
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कोट
कुछ दिन पूर्व मेरा बच्चा बीमार हो गया था। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिले। इसके बाद मेडिकल स्टोर से दवा लेकर बच्चे को खिलाई। उसकी बीमार ठीक होने में एक हफ्ते का समय लग गया। - प्रिया, चंपावत।
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शनिवार को करीब 20 बच्चे इलाज के लिए आए थे। जिला अस्पताल में लंबे समय से बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर भट्ट को बच्चों के इलाज का जिम्मा सौंपा है लेकिन वह भी नियमित रूप से अस्पताल में अपनी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। एसीएमओ को कई बार विभागीय, देहरादून में होने वाली बैठकों और अन्य कार्य के लिए जाना पड़ता है। बच्चों के इलाज का फिजिशियन के जिम्मे है। वर्तमान में भी अस्पताल में फिजिशियन डॉ. अजय कुमार बच्चों का इलाज कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के सामने इस मामले को रखा गया है। शासन स्तर से कार्यवाही होने पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाएगी।
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मुख्यमंत्री की विधानसभा के जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ पद लंबे समय से रिक्त है। इसे भरा जाना चाहिए। गंभीर बच्चों के उपचार में दिक्कतें आती हैं। बच्चों के स्वास्थ्य का मामला गंभीर है। - रेखा देवी, लोहाघाट।
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कुछ दिन पूर्व मेरा बच्चा बीमार हो गया था। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिले। इसके बाद मेडिकल स्टोर से दवा लेकर बच्चे को खिलाई। उसकी बीमार ठीक होने में एक हफ्ते का समय लग गया। - प्रिया, चंपावत।