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समग्र विकास से प्रदेश का पहला मॉडल जिला बनेगा चंपावत: प्रो. पंत
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यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत ने कहा कि समग्र विकास के बगैर आदर्श जिले का निर्माण संभव नहीं है इसलिए गांव, खेती, बागवानी, पशुपालन, लघु उद्यम, पर्यटन के क्षेत्र से कमजोर वर्गों के उन्नयन की योजना तैयार की जा रही है। चंपावत को उत्तराखंड का मॉडल जिला बनाने के लिए यूकॉस्ट को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. पंत ने कहा कि पहले चरण में क्षेत्र की जरूरत, संसाधन और प्राथमिकता पर मंथन हो रहा है। इसके लिए आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। मॉडल जिला बनाने में हिमालयन पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन के डॉ. अनिल प्रकाश जोशी से भी मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रयोग और प्रयोगशालाएं हैं। इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जा रहा है। चलती फिरती प्रयोगशालाएं सरकार की प्राथमिकता है।
मार्च 2023 तक प्रदेश के सभी जिलों में इस श्रेणी की एक-एक प्रयोगशाला उपलब्ध हो जाएगी। इससे हर जिले के छात्र, युवा और लोगों को विज्ञान को सरल तरीके से सीखने का मौका मिलेगा। यूकॉस्ट के डीजी ने कहा कि चंपावत में दो दिनी राज्य सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव दूरदराज के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना के विकास में मददगार बना है। अब प्रदेश में पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव नियमित रूप से होगा। संवाद
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यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. पंत ने कहा कि पहले चरण में क्षेत्र की जरूरत, संसाधन और प्राथमिकता पर मंथन हो रहा है। इसके लिए आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। मॉडल जिला बनाने में हिमालयन पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन के डॉ. अनिल प्रकाश जोशी से भी मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रयोग और प्रयोगशालाएं हैं। इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जा रहा है। चलती फिरती प्रयोगशालाएं सरकार की प्राथमिकता है।
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मार्च 2023 तक प्रदेश के सभी जिलों में इस श्रेणी की एक-एक प्रयोगशाला उपलब्ध हो जाएगी। इससे हर जिले के छात्र, युवा और लोगों को विज्ञान को सरल तरीके से सीखने का मौका मिलेगा। यूकॉस्ट के डीजी ने कहा कि चंपावत में दो दिनी राज्य सीमांत पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव दूरदराज के बच्चों में वैज्ञानिक चेतना के विकास में मददगार बना है। अब प्रदेश में पर्वतीय बाल विज्ञान महोत्सव नियमित रूप से होगा। संवाद
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