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चंपावत की फिर अनदेखी, नहीं मिली खाद्य प्रसंस्करण इकाई

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 10:44 PM IST
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Champawat again ignored, food processing unit not found
चंपावत का निष्प्रयोज्य कोल्ड स्टोर भवन। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। प्रदेश के चार पहाड़ी जिलों (टिहरी, चमोली, बागेश्वर और अल्मोड़ा) में खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उत्पादों की इकाई खोलने को मंजूरी मिली। लेकिन इस खाद्य प्रसंस्करण इकाई में भी सिटरस बहुल चंपावत जिले की अनदेखी हुई। इससे सिटरस फल उत्पादकों में नाराजगी है। खाद्य प्रसंस्करण की इकाई के चलते यहां किसानों के उत्पादों को मोल नहीं मिल रहा है।
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जिले में बड़ी क्षमता की एक भी खाद्य प्रसंस्करण इकाई नहीं है। खाद्य प्रसंस्करण होने पर स्कैवश, जैम, चटनी, अचार आदि का बड़े पैमाने पर निर्माण होता। इससे इन उत्पादों के मूल्य संवर्द्धन की व्यवस्था का नहीं होना है। खेतों में किसानों की मेहनत का नतीजा यह कि फल और सब्जी का इस जिले में भरपूर उत्पादन हो रहा है। सिटरस प्रजाति के फल, सेब, नाशपाती के अलावा टमाटर और आलू की जबर्दस्त पैदावार होती है। जिले में 11349 हेक्टेयर से ज्यादा सब्जी और फलों की खेती होती है।
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चंपावत जिले की 11 लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की न तो अधिक क्षमता है और न ही इनसे सिटरस फलों का जूस निकालने से काश्तकारों को कोई ज्यादा लाभ मिल पाता है। उद्यान विभाग का कहना है कि सेब, नाशपाती, सिटरस फलों के बहुतायत उत्पादन के बावजूद बाजार उपलब्ध कराने की विभागीय स्तर पर व्यवस्था नहीं है। किसानों का कहना है कि उन्हें लागत मूल्य पाने के लिए खुले बाजार में भी मुश्किल आ रही है। महज तीन रुपये किलो के हिसाब से माल्टा और गलगल (बड़ा नींबू) बेचने को मजबूर हैं।
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कोल्ड स्टोर का भी नहीं हो पा रहा उपयोग
चंपावत में 1995 में 77.77 लाख रुपये से बने कोल्ड स्टोर का आज तक उपयोग नहीं हो सका है। डीएचओ सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि तापमान को ठंडा करने के लिए प्रशीतन और वुडन वर्क नहीं होने से इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। कोल्ड स्टोर के नहीं होने से किसानों को मिलने वाले फायदे नहीं मिल सके।

कोट
जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई नहीं होने से फल उत्पादकों को बाजार की तलाश में दिक्कत हो रही है। चंपावत जिले के भाजपा के दोनों विधायक जिले में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना को लेकर पहल कर रहे थे। प्रदेश के चार जिलों में प्रसंस्करण इकाई को मंजूरी मिलने के बाद इस मामले को लेकर संगठन और विधायक फिर से उठाएंगे।
मोहन सिंह अधिकारी, जिला मीडिया प्रभारी, चंपावत।
फल क्षेत्रफल (हेक्टेयर) उत्पादन (एमटी)
सेब 619 439
कागजी नींबू 260 380
गलगल 406 1041
संतरा 535 920
माल्टा 1025 2110
आलू 4375 39373
अन्य फल व सब्जी 4129 33573
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