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कलश यात्रा के साथ चैतोला मेला शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Tue, 04 Apr 2017 10:42 PM IST
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मेले का उदघाटन करते विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
- फोटो : अमर उजाला
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गुमदेश के चार दिवसीय चैतोला मेले का विधि-विधान के साथ श्रीगणेश हुआ। पंडित रमेश चंद्र कलौनी ने धार्मिक मंत्रोच्चारण के साथ विधायक पूरन सिंह फर्त्याल और उनकी धर्मपत्नी जिला पंचायत सदस्य सुषमा फर्त्याल ने मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने मेले के आयोजन में हर संभव मदद करने की बात कही। ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई। जो मुख्य मार्गो से होते हुए मंदिर परिसर में पहुंची। मुख्य मेला छह अप्रैल को होगा।
चौखामा बाबा के जयकारों के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह प्रथोली ने मुख्य अतिथियों का परंपरागत रूप से पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। खीमराज धौनी के संचालन में हुए कार्यक्रम में आयोजन समिति के जोगा सिंह, चतुर सिंह, चंदी चंद, देव सिंह, पंडित शंकर दत्त पांडेय, नर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र पाटनी, तारा सिंह, राम सिंह आदि मौजूद थे। यहां के मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। यहां के गांवों में ढुस्कों, झोड़ा, चांचड़ी, न्योली का गायन किया जा रहा है।
आज होगी मंदिर की परिक्रमा
बुधवार को मड़, शिलिंग, चौपता, नेवलटुकरा, बसकुनी, सिरकोट, जिंडी, जाख आदि गांवों से जत्थे बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर परिक्रमा करेंगे। जत्थों के विसर्जन के बाद मंदिर से जमान को मड़ गांव ले जाया जाएगा। जहां विशेष रूप से पूजा की जाएगी। छह अप्रैल को मेले का मुख्य आकर्षण चमू देवता की भव्य शोभा यात्रा मड़ गांव से निकलेगी। जो दुर्गम रास्तों को पार करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचेगी। जिसके बाद यहां मेला शुरू हो जाएगा।
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चौखामा बाबा के जयकारों के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। आयोजन समिति के अध्यक्ष कुंवर सिंह प्रथोली ने मुख्य अतिथियों का परंपरागत रूप से पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। खीमराज धौनी के संचालन में हुए कार्यक्रम में आयोजन समिति के जोगा सिंह, चतुर सिंह, चंदी चंद, देव सिंह, पंडित शंकर दत्त पांडेय, नर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र पाटनी, तारा सिंह, राम सिंह आदि मौजूद थे। यहां के मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। यहां के गांवों में ढुस्कों, झोड़ा, चांचड़ी, न्योली का गायन किया जा रहा है।
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आज होगी मंदिर की परिक्रमा
बुधवार को मड़, शिलिंग, चौपता, नेवलटुकरा, बसकुनी, सिरकोट, जिंडी, जाख आदि गांवों से जत्थे बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर परिक्रमा करेंगे। जत्थों के विसर्जन के बाद मंदिर से जमान को मड़ गांव ले जाया जाएगा। जहां विशेष रूप से पूजा की जाएगी। छह अप्रैल को मेले का मुख्य आकर्षण चमू देवता की भव्य शोभा यात्रा मड़ गांव से निकलेगी। जो दुर्गम रास्तों को पार करते हुए मंदिर प्रांगण में पहुंचेगी। जिसके बाद यहां मेला शुरू हो जाएगा।
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