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खत्म हुआ दो देशों का इंतजार, पूरी हुई 1.200 किमी लंबी नहर
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टनकपुर बैराज से नेपाल तक की 1200 मीटर लंबी नहर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर (चंपावत)। तीन दशक पूर्व हुआ भारत-नेपाल समझौता अब क्रियान्वयन की दहलीज पर है। नेपाल सीमा तक बनने वाली नहर का काम पूरा कर लिया गया है। एक सप्ताह के भीतर नहर का पानी नेपाल तक पहुंच जाएगा।
हालांकि नेपाल के हिस्से की नहर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उच्चस्तरीय सूत्र बताते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा नौ जनवरी को इस नहर का वर्चुअल लोकार्पण कर सकते हैं।
टनकपुर में एनएचपीसी के 120 मेगावाट के पावर हाउस के निर्माण के दौरान वर्ष 1991 में दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत नेपाल को सिंचाई के लिए पानी दिया जाना था। इसके लिए नेपाल सीमा तक नहर का निर्माण होना था। समझौते के तहत 2019 से नहर का काम शुरू हुआ।
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बैराज से नेपाल के मटेना गांव तक 1200 मीटर लंबी नहर का निर्माण कर एक हजार क्यूसेक पानी दिया जाएगा। नहर में पानी छोड़ने के लिए बैराज से 150 मीटर दूर हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। मटेना से महेंद्रनगर तक नहर का निर्माण नेपाल को करना है। ये काम अभी चल रहा है। संवाद
टनकपुर बैराज से मटेना तक 57 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहर का काम पूरा हो चुका है। कोरोना के बावजूद नहर का काम पूरी गुणवत्ता के साथ किया गया है।
- गोपाल सिंह बिष्ट, महाप्रबंधक (सिविल), एनएचपीसी, बनबसा।
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हालांकि नेपाल के हिस्से की नहर का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उच्चस्तरीय सूत्र बताते हैं कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा नौ जनवरी को इस नहर का वर्चुअल लोकार्पण कर सकते हैं।
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टनकपुर में एनएचपीसी के 120 मेगावाट के पावर हाउस के निर्माण के दौरान वर्ष 1991 में दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत नेपाल को सिंचाई के लिए पानी दिया जाना था। इसके लिए नेपाल सीमा तक नहर का निर्माण होना था। समझौते के तहत 2019 से नहर का काम शुरू हुआ।
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बैराज से नेपाल के मटेना गांव तक 1200 मीटर लंबी नहर का निर्माण कर एक हजार क्यूसेक पानी दिया जाएगा। नहर में पानी छोड़ने के लिए बैराज से 150 मीटर दूर हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। मटेना से महेंद्रनगर तक नहर का निर्माण नेपाल को करना है। ये काम अभी चल रहा है। संवाद
टनकपुर बैराज से मटेना तक 57 करोड़ रुपये की लागत से बनी नहर का काम पूरा हो चुका है। कोरोना के बावजूद नहर का काम पूरी गुणवत्ता के साथ किया गया है।
- गोपाल सिंह बिष्ट, महाप्रबंधक (सिविल), एनएचपीसी, बनबसा।