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Champawat News: कार्प मछली से पारिस्थितिक तंत्र को मिल रही मजबूती
Sat, 03 May 2025 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 03 May 2025 11:23 PM IST
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चंपावत। जिला मत्स्य विभाग चंपावत की ओर से जिले की दो प्रमुख झीलों में कार्प प्रजाति के मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है। इससे पारिस्थितिक संतुलन और सौंदर्य में इजाफा होगा।
प्रभारी कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि कोलिढेक झील और श्यामलाताल झील में कार्प प्रजाति के मत्स्य बीजों का संचयन किया गया। इसमें कोलीढेक झील में कार्प और महाशीर प्रजातियों का बीज संचय किया। इसमें विशेष रूप से महाशीर मछलियों की वृद्धि संतोषजनक रही है। उन्होंने बताया कि यह ठंडे पानी की मछली अब स्थानीय जलवायु और पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित हो चुकी है।
कार्प मत्स्य बीज संचयन से झीलों के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही झीलों की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता में भी वृद्धि होगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। श्यामलाताल झील में बीज संचयन के दौरान प्रशासक श्यामलाताल जगदीश प्रसाद की देखरेख में 50 हजार मत्स्य बीज श्यामलाताल और 50 हजार मत्स्य बीज कोलीढेक झील में डाले गए।
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प्रभारी कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि कोलिढेक झील और श्यामलाताल झील में कार्प प्रजाति के मत्स्य बीजों का संचयन किया गया। इसमें कोलीढेक झील में कार्प और महाशीर प्रजातियों का बीज संचय किया। इसमें विशेष रूप से महाशीर मछलियों की वृद्धि संतोषजनक रही है। उन्होंने बताया कि यह ठंडे पानी की मछली अब स्थानीय जलवायु और पर्यावरण के अनुसार अनुकूलित हो चुकी है।
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कार्प मत्स्य बीज संचयन से झीलों के पारिस्थितिक तंत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही झीलों की जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता में भी वृद्धि होगी। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। श्यामलाताल झील में बीज संचयन के दौरान प्रशासक श्यामलाताल जगदीश प्रसाद की देखरेख में 50 हजार मत्स्य बीज श्यामलाताल और 50 हजार मत्स्य बीज कोलीढेक झील में डाले गए।
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