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बस का ब्रेक प्रेशर लीक, 36 यात्री डरे-सहमे पहुंचे गंतव्य
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चंपावत पहुंची रोडवेज की रास्ते में खराब हुई बस।
- फोटो : CHAMPAWAT
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परिवहन निगम की बस का दगा देने का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को रोडवेज की पिथौरागढ़ डिपो की गुरुग्राम से पिथौरागढ़ जा रही बस का ब्रेक प्रेशर लीक होने से बस सवार 36 यात्रियों की जान सांसत में आ गई। किसी तरह टनकपुर से चंपावत की 75 किमी की दूरी को साढ़े छह घंटे में पूरा किया जा सका। बस में खामी को लेकर चालक और मुसाफिरों के बीच विवाद भी हुआ।
पिथौरागढ़ डिपो की बस (यूके 07पी/ए 2907) गुरुग्राम से पिथौरागढ़ जा रही थी। बस सुबह करीब 6 बजे टनकपुर स्टेशन में पहुंची। कुछ देर रुकने के बाद बस वहां से चली तो चल्थी और बेलखेत के बीच ब्रेक प्रेशर लीक होने से ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। रास्ते में बस में खामी की जानकारी लगने से मुसाफिर दहशत में आ गए।
बस चालक राजेंद्र चंद्र किसी तरह बस को धीरे-धीरे चलाता रहा लेकिन चंपावत से 10 किमी पूर्व बनलेख के पास बस बंद हो गई। यहां करीब डेढ़ घंटे तक चालक और परिचालक नवीन पंत ने बस को ठीक करने की कोशिश की। किसी तरह दोपहर करीब एक बजे बस चंपावत स्टेशन में पहुंची।
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रास्ते भर डरे-सहमे यात्रियों में कुछ की इस दौरान चालक-परिचालक से नोकझोंक भी हुई। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरे में डालकर बस को 75 किमी तक चलाया गया। कमल सिंह, अशोक जोशी, हेमा देवी, मोहन सिंह, विक्रम सिंह सहित कई यात्रियों का कहना था कि चालक बस को बेहद धीरे चला रहा था।
चंपावत में थोड़ी-बहुत मरम्मत के बाद बस को किसी तरह लोहाघाट कार्यशाला पहुंचाकर ब्रेक प्रेशर को ठीक करा पिथौरागढ़ ले जाया गया। इधर रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक केएस राना ने बताया कि बस का ब्रेक प्रेशर कैसे लीक हुआ है, इसकी जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि बीते 9 नवंबर को लोहाघाट से दिल्ली जा रही रोडवेज की एक बस का तिलौन के पास ब्रेक फेल हो गया था। तब ड्राइवर की सूझबूझ से बस में सवार 40 यात्रियों की जान बस सकी थी।
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पिथौरागढ़ डिपो की बस (यूके 07पी/ए 2907) गुरुग्राम से पिथौरागढ़ जा रही थी। बस सुबह करीब 6 बजे टनकपुर स्टेशन में पहुंची। कुछ देर रुकने के बाद बस वहां से चली तो चल्थी और बेलखेत के बीच ब्रेक प्रेशर लीक होने से ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। रास्ते में बस में खामी की जानकारी लगने से मुसाफिर दहशत में आ गए।
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बस चालक राजेंद्र चंद्र किसी तरह बस को धीरे-धीरे चलाता रहा लेकिन चंपावत से 10 किमी पूर्व बनलेख के पास बस बंद हो गई। यहां करीब डेढ़ घंटे तक चालक और परिचालक नवीन पंत ने बस को ठीक करने की कोशिश की। किसी तरह दोपहर करीब एक बजे बस चंपावत स्टेशन में पहुंची।
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रास्ते भर डरे-सहमे यात्रियों में कुछ की इस दौरान चालक-परिचालक से नोकझोंक भी हुई। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरे में डालकर बस को 75 किमी तक चलाया गया। कमल सिंह, अशोक जोशी, हेमा देवी, मोहन सिंह, विक्रम सिंह सहित कई यात्रियों का कहना था कि चालक बस को बेहद धीरे चला रहा था।
चंपावत में थोड़ी-बहुत मरम्मत के बाद बस को किसी तरह लोहाघाट कार्यशाला पहुंचाकर ब्रेक प्रेशर को ठीक करा पिथौरागढ़ ले जाया गया। इधर रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक केएस राना ने बताया कि बस का ब्रेक प्रेशर कैसे लीक हुआ है, इसकी जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि बीते 9 नवंबर को लोहाघाट से दिल्ली जा रही रोडवेज की एक बस का तिलौन के पास ब्रेक फेल हो गया था। तब ड्राइवर की सूझबूझ से बस में सवार 40 यात्रियों की जान बस सकी थी।