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Champawat News: 20 मार्च से ट्रेजरी साइट बंद होने से करोड़ों का बजट वापस
Tue, 02 Apr 2024 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 02 Apr 2024 10:45 PM IST
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चंपावत। जिले के अधिकांश विभागों का करोड़ों रुपये का बजट इस बार 20 मार्च से ट्रेजर की साइट बंद होने से वापस करना पड़ा। वेबसाइट नहीं चलने के कारण जिले के कई विभागों की धनराशि वापस हुई है।
जिले के साथ ही प्रदेश भर में 20 मार्च से ट्रेजरी की ओर से साइट बंद कर दी गई थी। इसके चलते किसी भी प्रकार के सरकारी विभाग का लेनदेन नहीं हो पाया। इस कारण पूरे प्रदेश में कई विभागों के कराेड़ों रुपये का बजट वापस हो गया। चंपावत जिले में आबकारी, स्वास्थ्य, वन विभाग सहित कई विभागों की ओर से बचे हुए बजट को वापस कराना पड़ा।
मार्च के पहले सप्ताह में ही शासन की आरे से दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि 20 मार्च से पहले ही सभी विभाग अपने बिलों को साइट में अपलोड कर लें लेकिन अधिकांश विभाग समय से बिल ट्रेजरी की साइट पर अपलोड नहीं कर पाए।
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विभागों के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव होने के कारण अधिकांश कर्मी चुनाव प्रक्रिया में लग गए थे जिससे समय पर बिल नहीं लग पाए। ट्रेजरी ऑफिसर सीमा बंगवाल ने बताया कि शासन की ओर से पहले ही सभी विभागों को 20 मार्च तक बिल लगाने के आदेश जारी किए गए थे जिन विभागों ने समय से बिल लगाए थे उनके पास हो गए। साइट बंद होने से अधिकांश विभागों बजट वापस हो गया।
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जिले के साथ ही प्रदेश भर में 20 मार्च से ट्रेजरी की ओर से साइट बंद कर दी गई थी। इसके चलते किसी भी प्रकार के सरकारी विभाग का लेनदेन नहीं हो पाया। इस कारण पूरे प्रदेश में कई विभागों के कराेड़ों रुपये का बजट वापस हो गया। चंपावत जिले में आबकारी, स्वास्थ्य, वन विभाग सहित कई विभागों की ओर से बचे हुए बजट को वापस कराना पड़ा।
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मार्च के पहले सप्ताह में ही शासन की आरे से दिशा निर्देश जारी किए गए थे कि 20 मार्च से पहले ही सभी विभाग अपने बिलों को साइट में अपलोड कर लें लेकिन अधिकांश विभाग समय से बिल ट्रेजरी की साइट पर अपलोड नहीं कर पाए।
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विभागों के अधिकारियों का कहना है कि लोकसभा चुनाव होने के कारण अधिकांश कर्मी चुनाव प्रक्रिया में लग गए थे जिससे समय पर बिल नहीं लग पाए। ट्रेजरी ऑफिसर सीमा बंगवाल ने बताया कि शासन की ओर से पहले ही सभी विभागों को 20 मार्च तक बिल लगाने के आदेश जारी किए गए थे जिन विभागों ने समय से बिल लगाए थे उनके पास हो गए। साइट बंद होने से अधिकांश विभागों बजट वापस हो गया।