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बारहमासी सड़क के मलबे से टूटी पेयजल लाइन
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Thu, 10 May 2018 10:46 PM IST
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बनलेख में बारहमासी सड़क निर्माण से टूटी पेयजल लाइन दिखाता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क निर्माण से लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सड़क निर्माण से निकले मलबे से तालमे एकल पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। इससे योजना से जुड़े कई तोकों में जल संकट गहरा गया है।ग्रामीण गधेरों और नौलों से पानी भरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं करने पर आंदोलन करने की धमकी दी है।
ग्राम पंचायत मौराड़ी के चार तोक द्वारलेख, लचोटा, तालमे और कोला के तकरीबन साठ परिवार पिछले तीन दिन से पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीण मुरलीधर, भवानी दत्त, दुर्गादत्त और मोहन चंद्र ने बताया कि तालमे पेयजल योजना का निर्माण साल 2001 में हुआ। निर्माण के बाद पेयजल योजना को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया। इस पेयजल योजना से चार तोकों की तकरीबन 300 की आबादी लाभान्वित होती थी। उन्होंने बताया कि बीते मार्च माह में बारहमासी सड़क निर्माण के मलबे से पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। लंबे समय बाद संबंधित निर्माण कंपनी ने ठीक कर लिया था, लेकिन पेयजल लाइन को जमीन के ऊपर ही खुला छोड़ दिया था।
इस वजह से बीते सात मई को यह योजना फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। योजना के क्षतिग्रस्त होने से यहां के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों को गधेरों, नौलों से पानी भरने को मजबूर हैं। हीरा देवी, हेमा देवी, हरीश चंद्र, खिलानंद जोशी, त्रिलोमणी, भवानी देवी, खिमुली देवी आदि ने पेयजल योजना को शीघ्र ठीक नहीं करने पर आंदोलन करने की धमकी दी है।
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कोट
बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई करने के निर्देश संबंधित कंपनी को दिए गए हैं। तालमे पेयजल लाइन को ठीक करने के लिए कंपनी को निर्देश दिए जा रहे हैं।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड।
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ग्राम पंचायत मौराड़ी के चार तोक द्वारलेख, लचोटा, तालमे और कोला के तकरीबन साठ परिवार पिछले तीन दिन से पेयजल के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीण मुरलीधर, भवानी दत्त, दुर्गादत्त और मोहन चंद्र ने बताया कि तालमे पेयजल योजना का निर्माण साल 2001 में हुआ। निर्माण के बाद पेयजल योजना को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया गया। इस पेयजल योजना से चार तोकों की तकरीबन 300 की आबादी लाभान्वित होती थी। उन्होंने बताया कि बीते मार्च माह में बारहमासी सड़क निर्माण के मलबे से पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। लंबे समय बाद संबंधित निर्माण कंपनी ने ठीक कर लिया था, लेकिन पेयजल लाइन को जमीन के ऊपर ही खुला छोड़ दिया था।
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इस वजह से बीते सात मई को यह योजना फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। योजना के क्षतिग्रस्त होने से यहां के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोगों को गधेरों, नौलों से पानी भरने को मजबूर हैं। हीरा देवी, हेमा देवी, हरीश चंद्र, खिलानंद जोशी, त्रिलोमणी, भवानी देवी, खिमुली देवी आदि ने पेयजल योजना को शीघ्र ठीक नहीं करने पर आंदोलन करने की धमकी दी है।
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कोट
बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान किसी भी तरह के नुकसान की भरपाई करने के निर्देश संबंधित कंपनी को दिए गए हैं। तालमे पेयजल लाइन को ठीक करने के लिए कंपनी को निर्देश दिए जा रहे हैं।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड।