{"_id":"6499ca4ce89586beed03c736","slug":"bholenath-played-such-a-drum-the-whole-mount-kailash-became-happy-champawat-news-c-8-1-176171-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने, सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने, सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया...
Mon, 26 Jun 2023 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 26 Jun 2023 10:56 PM IST
विज्ञापन
चंपावत के गोल्ज्यू महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देती प्रहलाद मेहरा और पार्टी।
चंपावत। गोल्ज्यू महोत्सव में सांस्कृतिक संध्या का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। महोत्सव की आखिरी सांस्कृतिक संध्या लोक गायक जितेंद्र तोम्क्याल, मीना राणा और प्रह्लाद मेहरा के नाम रही जिन्होंने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी।
रविवार को गोल्ज्यू महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन एसपी देवेंद्र पींचा ने किया। स्थानीय कलाकार ध्रुव पांडेय ने ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने, सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया... के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। प्रह्लाद मेहरा के नेतृत्व में जनजागृति कला मंच बिंदुखत्ता के कलाकारों ने कुमाऊंनी वंदना ऐजा रे ऐजा मेरा दानपुरा... की प्रस्तुति दी। लोक गायक जितेंद्र तोम्क्याल ने पानी पिले दे पनेरा पानी..., धन्य हो हमारी देवभूमि..., संगीता रड़ गयूं बांज पतेलूं में..., हाथ पैरली घड़ीला..., रूमाली का गांठा रूयूड़ि लखनऊ की..., सिलगड़ी का पाल झाला... आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
लोकगायिका मीना राणा ने ओ सहिबा ओ साहिबा..., ओ भिना कसके जानूं द्वारहाटा..., चंदना म्यारा पहाड़ आए... आदि गीतों से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया। इसके अलावा स्थानीय स्कूलों के बच्चों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। विशेष सहयोग करने वाले सुरेश राजन, मुकेश गिरि, गौरव पांडेय, विनोद बडेला, विकास गिरि, राजेश जोशी, अभिषेक गंगोला, चंचल कुंवर आदि को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. बीसी जोशी, राजेंद्र गहतोड़ी और नीरज जोशी ने किया। वहां पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, ईओ अशोक वर्मा, सभासद रेखा तिवारी, लक्ष्मी देवी, कविता गोस्वामी, लोकेश पुनेठा, रोहित बिष्ट, कैलाश पांडेय, मोहन भट्ट, कलावती देवी आदि थे।
विज्ञापन
महोत्सव में लोगों ने की खूब खरीदारी
चंपावत। 10 दिनों तक चलने वाले गोल्ज्यू महोत्सव में भले ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन संपन्न हो गया हो लेकिन महोत्सव में लगी दुकानों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। महोत्सव में बच्चों के झूले, रेलगाड़ी सहित खेलकूद और खाने के कई स्टॉल लगे हैं। संवाद
नई-नई सी लगे धरा, नया-नया आकाश, बौराया सा मन लगे...
चंपावत। गोरलचौड़ मैदान में चल रहे गोल्ज्यू महोत्सव में सांस्कृतिक चेतना मंच से जुड़े कवियों ने विभिन्न रचनाएं प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। स्थानीय सांस्कृतिक सत्र के दौरान आयोजित हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता बीएसएफ से सेवानिवृत्त वरिष्ठ कवि पुष्कर सिंह बोहरा और संचालन डाॅ. सतीश चंद्र पांडेय ने किया।
कवि हिमांशु जोशी ने नई-नई सी लगे धरा, नया-नया आकाश, बौराया सा मन लगे, जैसे हो मधुमास की शानदार प्रस्तुति दी। प्रकाश जोशी शूल ने वो लिखता है तो लिखने दो, आड़ी तिरछी कलम उसकी घिसता है तो घिसने दो..., डॉ. अजय रस्तोगी अविरल ने बूंद बारिश की तन पर गिरी तो, लगा तुमने भेजा संदेशा चले आइए..., भूपेंद्र देव ताऊजी ने मेरि चंपावतै कि महिमा अपार...., की प्रस्तुति दी। इसके बाद पुष्कर सिंह बोहरा ने रेल और मानव जीवन यात्रा होती एक समान..., डॉ. सुमन पांडेय ने तोरण बंधने लगे..., बबीता जोशी ने चैत की चपल चराचर चित में... की प्रस्तुति दी। इसके अलावा सोनिया आर्या, हिमांशु ओली, योगिता पंत, अंकित भट्ट, कमला जोशी, डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, पूजा रजवार, हरी राम टम्टा और गौरव पांडेय ने भी कविता और गजलों की प्रस्तुति दी। वहां पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा और अन्य सभासदों और आयोजन समिति के सदस्यों ने कवियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
विज्ञापन
रविवार को गोल्ज्यू महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन एसपी देवेंद्र पींचा ने किया। स्थानीय कलाकार ध्रुव पांडेय ने ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने, सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया... के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। प्रह्लाद मेहरा के नेतृत्व में जनजागृति कला मंच बिंदुखत्ता के कलाकारों ने कुमाऊंनी वंदना ऐजा रे ऐजा मेरा दानपुरा... की प्रस्तुति दी। लोक गायक जितेंद्र तोम्क्याल ने पानी पिले दे पनेरा पानी..., धन्य हो हमारी देवभूमि..., संगीता रड़ गयूं बांज पतेलूं में..., हाथ पैरली घड़ीला..., रूमाली का गांठा रूयूड़ि लखनऊ की..., सिलगड़ी का पाल झाला... आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन
लोकगायिका मीना राणा ने ओ सहिबा ओ साहिबा..., ओ भिना कसके जानूं द्वारहाटा..., चंदना म्यारा पहाड़ आए... आदि गीतों से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया। इसके अलावा स्थानीय स्कूलों के बच्चों ने भी रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। विशेष सहयोग करने वाले सुरेश राजन, मुकेश गिरि, गौरव पांडेय, विनोद बडेला, विकास गिरि, राजेश जोशी, अभिषेक गंगोला, चंचल कुंवर आदि को सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. बीसी जोशी, राजेंद्र गहतोड़ी और नीरज जोशी ने किया। वहां पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा, ईओ अशोक वर्मा, सभासद रेखा तिवारी, लक्ष्मी देवी, कविता गोस्वामी, लोकेश पुनेठा, रोहित बिष्ट, कैलाश पांडेय, मोहन भट्ट, कलावती देवी आदि थे।
विज्ञापन
महोत्सव में लोगों ने की खूब खरीदारी
चंपावत। 10 दिनों तक चलने वाले गोल्ज्यू महोत्सव में भले ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन संपन्न हो गया हो लेकिन महोत्सव में लगी दुकानों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। महोत्सव में बच्चों के झूले, रेलगाड़ी सहित खेलकूद और खाने के कई स्टॉल लगे हैं। संवाद
नई-नई सी लगे धरा, नया-नया आकाश, बौराया सा मन लगे...
चंपावत। गोरलचौड़ मैदान में चल रहे गोल्ज्यू महोत्सव में सांस्कृतिक चेतना मंच से जुड़े कवियों ने विभिन्न रचनाएं प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। स्थानीय सांस्कृतिक सत्र के दौरान आयोजित हुए कवि सम्मेलन की अध्यक्षता बीएसएफ से सेवानिवृत्त वरिष्ठ कवि पुष्कर सिंह बोहरा और संचालन डाॅ. सतीश चंद्र पांडेय ने किया।
कवि हिमांशु जोशी ने नई-नई सी लगे धरा, नया-नया आकाश, बौराया सा मन लगे, जैसे हो मधुमास की शानदार प्रस्तुति दी। प्रकाश जोशी शूल ने वो लिखता है तो लिखने दो, आड़ी तिरछी कलम उसकी घिसता है तो घिसने दो..., डॉ. अजय रस्तोगी अविरल ने बूंद बारिश की तन पर गिरी तो, लगा तुमने भेजा संदेशा चले आइए..., भूपेंद्र देव ताऊजी ने मेरि चंपावतै कि महिमा अपार...., की प्रस्तुति दी। इसके बाद पुष्कर सिंह बोहरा ने रेल और मानव जीवन यात्रा होती एक समान..., डॉ. सुमन पांडेय ने तोरण बंधने लगे..., बबीता जोशी ने चैत की चपल चराचर चित में... की प्रस्तुति दी। इसके अलावा सोनिया आर्या, हिमांशु ओली, योगिता पंत, अंकित भट्ट, कमला जोशी, डॉ. सतीश चंद्र पांडेय, पूजा रजवार, हरी राम टम्टा और गौरव पांडेय ने भी कविता और गजलों की प्रस्तुति दी। वहां पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा और अन्य सभासदों और आयोजन समिति के सदस्यों ने कवियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।